गजेंद्र कुमावत

Inspirational


3.5  

गजेंद्र कुमावत

Inspirational


लापरवाही

लापरवाही

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हीरालाल आज फिर से बाजार जा रहा था। उसे खैनी चबाने की लत थी। लोकडाउन का आज सातवां दिन चल रहा था। मैंने कई बार उसे मना किया था लेकिन वह नहीं माना। कुछ नहीं होगा मुझे, और ये कहकर वो बाजार चला गया।

रास्ते में वो गाना गुनगुनाते हुए वो बाजार पहुंचा। वहाँ उसे उसका दोस्त सिद्धार्थ मिला।


हीरालाल : अरे क्या भाई बहुत दिनों बाद दिखे हो।

सिद्धार्थ : हाँ भाई, नौकरी के सिलसिले में शहर में ही रहता हूँ ।

हीरालाल :अच्छा।

सिद्धार्थ : हाँ और कोरोना बीमारी के कारण में 20 तारीख को ही घर आ गया था। तेरा मास्क कहाँ है? 

हीरालाल : अरे कुछ नहीं ये बीमारी, तू फालतु में ही डरता है, मुझे देख मैं तो रोज बाजार में घूमने आता हूँ ।(मुँह से खैनी थूकते हुए )

सिद्धार्थ : तू पागल है क्या? बेवकूफ़ आदमी।

हीरालाल : नहीं, ऐसे कैसे बात कर रहा है गुस्से से... 

सिद्धार्थ : तुझे पता नहीं इस बीमारी के बारे में।

हीरालाल : हाँ, थोड़ा बहुत पता है।

सिद्धार्थ : क्या पता है तेरे को, कुछ भी पता होता तो यूँ बाजार में नहीं घूमता।

हीरालाल (आश्चर्य से ): क्या हुआ, इतना क्यों सुना रहा है।

सिद्धार्थ : तुझे तेरी और तेरे परिवार की बिल्कुल भी फ़िक्र नहीं है क्या? 

हीरालाल : बहुत फ़िक्र है।

सिद्धार्थ : फ़िक्र होती तो बिना मास्क के यूँ नहीं घूमता।

हीरालाल : पुरी बात बता? 

सिद्धार्थ : अरे पागल, ये बीमारी नहीं,बहुत बड़ी महामारी है। और ये किसी के संक्रमित व्यक्ति के खाँसने से और उसके द्वारा छुई हुई कोई भी चीज को छूने से फेलता है।

हीरालाल : क्या? 

सिद्धार्थ : और संक्रमित वस्तु को छूने या उस व्यक्ति के द्वारा छूने पर ये तुझे फिर तुझसे तेरे परिवार को फिर पूरे इलाके में फैलकर सभी को मृत्यु तक पहुंचा सकता है। और ये तू खैनी खा रहा है, ये भी बहुत हानिकारक है।

हीरालाल : भाई, इससे बचने के उपाय भी बता।

सिद्धार्थ : पहले रुमाल से तेरा मुँह ढक, 

हीरालाल (घबराहट से ): हाँ ढक लिया बता।

सिद्धार्थ : घर पर रहे या घर से कम से कम निकले, अपने हाथों को हर घंटे साबुन से अच्छे से धोयें, बाहर से आने पर स्नान करें, कपड़ों को साबुन से अच्छे से धोयें, मास्क लगाकर बाहर जाये, सेनेटाइजर का प्रयोग करें और सरकार के निर्देशों का पालन करें।

हीरालाल (भागते हुए ): मैं तो जाता हूँ घर और सभी मोहल्ले वालों को भी अच्छी तरह से समझाता हूँ ।


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