Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

Priyanka Mudgil

Inspirational


4.5  

Priyanka Mudgil

Inspirational


क्या एक हाउसवाइफ होना गुनाह है

क्या एक हाउसवाइफ होना गुनाह है

6 mins 432 6 mins 432

"अरे रोमा! मेरा रुमाल कहाँ रखा है... और मेरी वो नीली वाली फाइल... जरा आकर देखो इधर"... कमरे मे से रवि की चिल्लाने की आवाज आई. ...


रोमा रसोई से दौड़ती -दौड़ती कमरे मे आई और अलमारी में से सारा सामान निकालकर, रवि को देते हुए बोली " अगर मैं ना रही , तो तुम्हारा क्या होगा... तुम्हें तो एक रुमाल भी नही मिलता मेरे बिना"..


"तो मैं तुम्हे कहीं जाने ही नही दूँगा... वैसे भी ये सब सामान तो मुझे भी दिखाई देता है.... पर तुम मेरी एक आवाज पर मेरे पास दौड़कर आती हो तो मुझे अच्छा लगता है.... " मुस्कुराते हुए रवि बोला


रवि को सब सामान दे, वो जल्दी से दौड़ी और अपनी 3 साल की बेटी पीहू को फटाफट तैयार करने लगी.. अपने सास ससुर, रवि और पीहू को जल्दी से

नाश्ता कराया , और साथ ही साथ पीहू और रवि का लंच बॉक्स तैयार किया।


फिर रवि के ऑफिस जाने के बाद पीहू का बैग ले, उसे बस स्टॉप तक छोड़ने गई। वैसे तो पीहू की बस उसके घर से 5मिनट की दूरी पर ही आती थी लेकिन पीहू को वहाँ तक पहुँचने मे 15 मिनट लगते थे क्योंकि पीहू अपनी मम्मा, रोमा से बातें करते -करते आराम से जाती थी।। रोमा को भी उसकी तोतली आवाज मे उसकी प्यारी प्यारी बातें सुनना बहुत अच्छा लगता था क्योंकि ये बातें उस पुरा दिन फ्रेश रखती थी।।


जैसे ही बस स्टॉप पर पहुंची तो बस थोड़ा लेट थी, 2 बच्चों की मम्मियां भी वहाँ खड़ी थी, वो दोनों नौकरी करती थी। दोनों ने बातों -बातों मे रोमा से कहा , "रोमा! आज तो हमें ऑफिस के लिए लेट हो जायेगा, तुम्हारा अच्छा है... तुम शांति से रहती हो... दिनभर घर पर आराम ही करती होगी.. आखिर *हाउसवाईफ* जो ठहरी" ये कहकर दोनों हँसने लगी। तभी बस आ गयी और रोमा, पीहू को बस मे बैठाकर घर आ गयी।


आज पुरा दिन रोमा के दिमाग मे यही शब्द गूंजते रहे कि "तुम तो सिर्फ हाउसवाईफ हो".. फिर सब काम निपटाकर थोड़ी देर लेटी तो अतीत की यादों में खो गयी।।

रवि और रोमा, दोनों की शादी की शादी घरवालों की पसंद से 5 साल पहले हुई थी.. रवि एक मल्टीनेशनल कंपनी मे सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और रोमा ने भी इंजीनियरिंग की पढाई की थी, पर उसके सास ससुर को बहु का बाहर जाकर नौकरी करना पसन्द नहीं था, इसलिये वो सिर्फ ए हाउसवाइफ़ बनकर रह गयी।आज से 5 साल पहले, जब रोमा दुल्हन बनकर अपने ससुराल मे आयी थी, तो हर कोई उसकी सुंदरता की तारीफ कर रहा था.. उसकी सास तो सबके मुँह से तारीफ सुनकर फूली नहीं समा रही थी। रोमा एक संस्कारी लड़की थी, धीरे- धीरे उसने अपने हँसमुख स्वभाव और गुणों से अपने सास -ससुर और पति का दिल जीत लिया!रोमा का मन नौकरी करने का था, ये बात उसके पति रवि को अच्छे से पता थी लेकिन उसके माता- पिता को इस बात के लिए मनाना भी टेढी खीर था... फिर भी उसने रोमा को कहा, कि वो उन्हे मनाने की पूरी कोशिश करेगा।


जब रवि ने बार बार अपने माता पिता को मनाया, तो उन्होंने अपनी बहु की खुशी के लिए उसे नौकरी करने की इजाजत दे दी क्योंकि रोमा को उसके सास- ससुर अपनी बेटी की तरह प्यार करते थे और उसे खुश देखना चाहते थे।।

"मेरे ऑफिस मे किसी फीमेल कंडीडेट की जरूरत है, तुम चाहो तो अप्लाई कर सकती हो, दोनों का ऑफिस मे भी साथ हो जायेगा" रवि ने रोमा से कहा...

रोमा झट से तैयार हो गयी क्योंकि इससे सुनहरा अवसर उस कहाँ मिलने वाला था।।


जिस दिन रोमा इंटरव्यू के लिए घर से निकलने वाली थी....कि उसे चक्कर आ गए और वो गिर पड़ी.. उसके ससुर ने तुरंत डॉक्टर को फोन करके बुलाया तो पता चला की वो माँ बनने वाली है... ये सुनकर सब लोग बहुत खुश हुए... और रोमा ने भी निर्णय लिया की वो अभी नौकरी नही करेगी क्युंकि अभी वो ये प्रेग्नेन्सी के पल जीना चाहती है। सबसे उसकी बात से सहमति जताई।।


जब रोमा का 8वां महीना चल रहा था तो एक दिन अचानक से उसका पैर फिसल गया और वो गिर पड़ी.. उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया... तभी डॉक्टर ने कहा कि डीलिवरी अभी करानी होगी, नही तो बच्चे को बचाना मुश्किल होगा.. रोमा तैयार थी क्योंकि उस सिर्फ अपना बच्चा चाहिए था, किसी भी कीमत पर... फिर ओपरेशन हुआ और नन्ही सी पीहू रोमा की गोद में आ गयी।।

पीहू को गोद में लेकर रोमा खुशी से रोने लगी.. एकदम नन्ही से.. बहुत ही नाजुक.. उसको अपने सीने से चिपका लिया.. सास ससुर सबको मिठाई बाँट रहे थे.. और रवि अपनी बेटी को एकटक देखे जा रहा था।।


तभी डॉक्टर आई, और कहने लगी की आपकी बेटी का जन्म समय से पहले हुआ है इसलिए वो थोड़ी कमजोर है... आपको उसका ज्यादा ध्यान रखना होगा...।। उसके बाद से रोमा ने निर्णय लिया की अब से वो सिर्फ पीहू का पर ख्याल रखेगी,, और उसकी दुनिया सिर्फ पीहू के आस पास सिमट कर रह गयी.. नौकरी करने का ख्याल तो उसके मन से निकल गया...

घरवाले भी सब पीहू का पर ध्यान रखते थे.. उसकी दादी उसकी मालिश करती और दादाजी उसे रोज बाहर घूमाकर लाते... सब अच्छे से चल रहा था


"अरे रोमा!! पीहू स्कूल से आने वाली है" रोमा की सास ने आवाज लगाई। उनकी आवाज से रोमा वर्तमान मे वापिस आई... पीहू को बस स्टॉप पर लेने गयी तो पीहू रोमा से चिपक गयी.. और कहने लगी, "मम्मा! आप मुझे लेने आते हो तो मुझे बहुत अच्छा लगता है... मेरे क्लास मे एक लड़का है आर्यन, वो आज रो रहा था"।। रोमा ने पूछा कि क्यों रो रहा था??? तब पीहू ने बताया, " उसकी मम्मा नौकरी करती है, उसके घर पर सिर्फ उसके मम्मा और पापा हैं ... जब वो स्कूल से घर जाता है तो उनके घर मे जो आया ऑन्टी रहती है, वो उसे लेने आती है... लेकिन वो हमेशा लेट आती हैं.. और उसकी मम्मा की तरह प्यार भी नही करती.... "।। फिर अपनी माँ के गले लगते हुए पीहू बोली, " मम्मा! आप मेरे साथ पूरा दिन रहते हो तो मुझे बहुत अच्छा लगता है...


ये सब सुनकर रोमा को अच्छा लगा... उसने सोचा की नौकरी तो वो कभी भी शुरू कर सकती है लेकिन पीहू का ये बचपन वापस लौटकर नही आयेगा..

शाम को ये सब बातें उसने अपने पति रवि को भी बताई।। तो रवि ने रोमा का हाथ अपने हाथ मे लेते हुए कहा, "रोमा!! एक हाउसवाईफ की ड्यूटी भी बहुत जिम्मेदारी से भरी होती है.. जब तुम घर पर होती हो तो निश्चिंत होकर ऑफिस मे अपना का कर पाता हूँ, मुझे मम्मी -पापा और पीहू की जरा भी चिंता नही रहती है क्योंकी मुझे पता है कि तुम सब कुछ संभाल लोगी।।


तभी कमरे मे अंदर आती हुई सासु माँ कहने लगी, "बहु! भले ही तुम बाहर नौकरी नहीं कर रही हो पर इतना पैसा तुम हर पर रहकर भी बचा लेती हो... घर का सारा काम तुम खुद से करती हो.. मेड भी नही लगाई... पीहू को स्कूल से घर टाइम छोड़ना और लाना...... उसको पढाती भी तुम ही हो घर पर.... ये सब करना इतना आसान भी नही है"।। तुम तो इस परिवार की धुरी हो..तुमने पीहू की वजह से नौकरी न करने का फैसला लिया था...,लेकिन अब पीहू स्कूल जाने लगी है ,और अगर तुम चाहो तो नौकरी कर सकती हो.. पीहू का ख्याल मैं रख लूंगी !


तभी पीहू बोल पड़ी, " मम्मा! आप इतना सब काम अकेले कर ते हो... आगे से मैं भी आपकी हेल्प करूँगी... आई लव यू मम्मा ""कहकर रोमा के गले लग गयी!!


दोस्तों! क्या हाउसवाईफ होना एक गुनाह है। पढ़ी लिखी कई औरतें किसी न किसी वजह से बाहर जाकर नौकरी नही कर पाती। तो क्या उनकी अहमियत, जो नौकरीपेशा है, उनसे कम हो जाती है?? क्यूँ कुछ लोग किसी पर कॉमेंट करने से पहले एक बार भी नहीं सोचते... की सामने वाले की स्थिति क्या है।।

रोमा, अपनी बच्ची के लिए सिर्फ हाउसवाईफ बनकर रही.. तो का वो पढ़ी लिखी नही थी??




Rate this content
Log in

More hindi story from Priyanka Mudgil

Similar hindi story from Inspirational