क्षमता
क्षमता
दोस्तों क्या आपने कभी सोचा है, समाज का और सामाजिक कुछ लोगो की बातों का हम पर क्या असर पड़ता है, और ये असर पड़ता क्यूँ है, क्या वो जो भी हमको बता रहे होते है वही सही होता है?? अगर कोई कहता है तुम ये कर नहीं सकते तो क्या उसकी बात मान लेनी चाहिए?? किसी की कही गयी बात से ही क्या हमारी क्षमता का निर्धारण होता है?? हमारी क्षमता कितनी है ये हम जानते है, कोई दूसरा ये बात नहीं बता सकता।
सामाजिक लोग कहते है तुम सफल नहीं हो सकते, तुम्हारे बस की बात नहीं, जरुरत से ज्यादा बड़े सपने मत देखो इत्यादि - इत्यादि। तो आपको पता है हमें क्या करना चाहिए??? ऐसे नकारात्मक सोच वाले व्यक्तियों से हमें कोसों दूर रहना चाहिए क्योंकि ये हमारे दिमाग़ मे सिर्फ और सिर्फ नकारात्मकता भरते है इसलिए इनकी बातों को गूंगे - बहरे व्यक्ति के समान अनसुना कर देना चाहिए। हम जानते है हमारे अंदर कितनी प्रतिभा है और हम सफलता प्राप्त करने की क्षमता रखते है इसलिए अपने लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए।
अपने सपने को पूरा करने की कोशिश करती रहनी चाहिए तब तक जब तक हम लक्ष्य तक नहीं पहुंचते। चाहे कितनी बार असफलता हाथ लगे लक्ष्य तक पहुँचने के लिए रास्ते बदल लो पर लक्ष्य को कभी मत बदलना ।
