किरायेदार
किरायेदार
ये जो तुम मेरे बाद, किसी और के होने जा रहे हो,
सच बताना, क्या वाकई उसे दिल में बसा रहे हो?
वो हाथ जो कभी मेरे कंधे का हक़ मांगते थे,
सुना है आज-कल किसी और के लिए दुआ मांगते हैं।
जो लफ़्ज़ मेरे नाम पर आकर ठहर जाते थे,
वो अब किसी और के नाम की चाशनी में नहाते हैं।
मगर एक मशवरा है मेरा, उसे भी बता देना,
कि तुम मकान नहीं हो, बस एक 'किरायेदार' हो,
दिल बदलने की आदत है तुम्हारी, उसे भी जता देना।
मुझसे जो वफ़ा के वादे किए, वो तो कागज़ी निकले,
दुआ है कि उसके साथ तुम्हारे इरादे थोड़े असली निकलें।

