ईश्वर
ईश्वर
मे मेरी इजाजत खुद कर लूँ
तो क्या बुरा है किसी मसीहा से
सुना है की मुझमें भी 'भगवान' है।
भगवान हमारे अंदर है
और हम बाहर ढूंढ रहे हैं।
उस पर दूसरा है कि,
राजनीती ओर धर्म मे क्या फर्क है,
राजनीती का मतलब है कि
सब लोग ये जान ले कि मैं कौन हूँ,
ओर धर्म का मतलब है कि
मैं खुद ये जान लूँ कि मैं कौन हूँ।
