हेलो मैडम (किडनैपर भाग 4)
हेलो मैडम (किडनैपर भाग 4)
ममता सबसे पहले उस राज कम्युनिकेशन वाले के पास जाती है और उसे उत्कर्ष का फोटो दिखाती है तो वह कहता है "हां यही लड़का था, इसने ही कल लास्ट फोन किया था और मेरा बिल बीस रुपए हुए थे तो पचास का नोट देकर चला गया चेंज भी नहीं लिया।"
ममता कहती है "वह अकेला था या कोई और भी साथ था।"
वह कहता है "मैडम दुकान बंद करनी थी तो मैं उसमें बिजी हो गया था ध्यान नहीं दिया।"
ममता उसे थैंक्स कह कर गाड़ी में जाकर बैठती हैं, धर्मेश उसकी ओर देखते हैं।
ममता कहती हैं "अब उत्कर्ष के लोकेशन पर चलते हैं।"
धर्मेश कहता है "वहां जाकर क्या फायदा वो अपने किसी काम से गया होगा ?"
ममता कहती हैं "यहां से मात्र 30 km है एक राउंड मरने में कोई एतराज नहीं है, और शायद फलक का भी पता चल जाए।"
सुनील पूछता है "तुम्हें उत्कर्ष पर शक हो रहा है की उसने किडनैप किया है।"
ममता कहती है "मेरे हिसाब से कोई किडनैपिंग हुई ही नहीं है।"
धर्मेश चौक कर उसे देखता है, और कहता है "व्हाट यू मीन। अगर किडनैप नहीं हुआ तो क्या हुआ है ?
ममता अपना पिस्टल लगा कर धर्मेश की ओर तानति है तो धर्मेश चौक कर गाड़ी को वहीं बीच सड़क पर ब्रेक मारता है।"
वह कहता है "ये क्या बदतमीजी है ।"?
ममता कहती है " हैं आपका किडनैप कर रहे हैं।"
धर्मेश कहता है "अरे ये क्या बात हुई।"?
ममता कहती है "यही तो समझाना चाहती हूं की फलक का किडनैप हुआ, आप जैसा आदमी भी पिस्टल देख कर जहां थे वहीं गाड़ी को ब्रेक मार दिया तो फलक की गाड़ी क्यों एकदम प्रॉपर तरीके से पार्क की गई थी।"
धर्मेश चौक कर देखता है "पर वो फिरौती की रकम कौन मांग रहा था, ये उत्कर्ष ही ना, वह और उसका बाप दोनों एक नंबर के कमीने हैं, इस लड़के ने मेरी बेटी को अपने जाल में फसा रखा है, और अब उसे किडनैप कर पैसा वसूल करना चाहता है में इन दोनों बाप बेटे को सबक सीखा कर रहूंगा।"
ममता कहती है "सर आप ने देखा आपकी गाड़ी बड़े प्यार से पार्क की गई थी, किडनैपर इतने प्यार से किडनैप कर के गाड़ी इतने अच्छे से पार्क नही करता है, जो फिंगर प्रिंट्स के रिपोर्ट आए हैं, उसमें भी सिर्फ दो लोगों के ही निशान है
एक आपके फलक का और दूसरा उत्कर्ष का।"
सुनील कहता है "अरे इस बात पर तो मैंने सोचा ही नहीं।"
ममता कहती हैं "और उस से भी बड़ी बात ये है की असली किडनैपर होता तो वह इस प्रकार रोड पर खड़े होकर पीसीओ से कॉल नहीं करता, वह तो किसी दूसरे सिम से करता वह अपना या किसी भी मोबाइल का नंबर नहीं आने देता, यह तो बड़े आराम से फोन करके आपसे इतनी लंबी बात की जिस से आप उसका लोकेशन ट्रेस कर सके।"
धर्मेश चौक कर कहता है "ये बात तो सच है, ये माजरा समझ नहीं आ रहा है।"
ममता कहती है "समझ आ जायेगा जैसे ही उत्कर्ष मिलेगा सारा माजरा समझ आ जाएगा।"
वह लोग उस लोकेशन पर पहुंचने वाले थे, ममता एक बार फिर से उत्कर्ष को कॉल करने को कहती है।
धर्मेश उसे फिर से फोन लगाता है, फोन स्विच ऑफ बताता है, वह ममता की ओर देखता है।"
ममता कहती है " उसका लोकेशन तो आस पास ही है।"
वह तीनों लोकेशन से एक किलोमीटर दूर थे, तो ममता कहती है "हम सब गाड़ी यहीं छोड़ देते हैं, क्योंकि वह आपकी गाड़ी पहचानता होगा तो गाड़ी देख गायब हो सकते हैं।"
धर्मेश गाड़ी को एक साइड पर लगा कर पार्क करता है, तीनों बाहर आते हैं और, एक ऑटो को हाथ दिखाते हैं ओर उस पर बैठकर तीनों ही लोकेशन की ओर जाते हैं।
लोकेशन के पास पहुंच कर तीनों ऑटो छोड़ देते हैं, वहां आस पास तो चार रिसॉर्ट दिखाई देते हैं, उसके पास ही एक वाटर पार्क है इस वजह से कुछ रिसॉर्ट बन गए थे और वैसे भी शहर से पास होने के कारण शहर के लड़के लड़कियां यहां आते ही हैं।"
तीनों आपस में डिस्कस कर अलग अलग रिसॉर्ट की ओर बढ़ते हैं, तीनों ही पूछते हैं तो, उत्कर्ष और फलक के नाम पर कोई नहीं था।
ममता कहती है, " अधिक पैसे देकर कुछ लोग नाम बदल कर भी रुक जाते हैं, उत्कर्ष का फोटो दिखाते हैं, ।"
ममता सामने के रिसॉर्ट के वॉचमैन को पांच सौ रुपए देती है तो वह उसकी ओर देखने लगता है, और फिर पूछता है, प्राइवेट रूम चाहिए, जिसमें कोई एंट्री नहीं होगी।"
ममता के मुंह से सिटी बज उठती है, वह उस से उत्कर्ष का फोटो दिखाकर पूछती है "इसे भी रूम दिलाया क्या,"!??
वॉचमैन चौक कर उनकी ओर देखता है और कहता है "तुम लोग कौन हो।"
सुनील कहता है "तुम्हें पांच सौ और मिल जायेगा, उनका रूम दिखा दो तुम्हारे ऊपर कोई प्रोब्लम नहीं आयेगी।"
वह तीनों को देख कहता है "इसके साथ इसकी फ्रेंड भी है, ये दोनों को मैंने कल रात को ही रूम दिया था, ये दोनों पीछे की ओर एक रॉ हाउस में हैं, रूम नंबर 3 में हैं।"
तीनों उस रूम के सामने पहुंचते हैं ममता सुनील और धर्मेश को साइड में रहने को कहती हैं और खुद अपना पिस्टल हाथ में लेकर दरवाजे पर नॉक करती है, दो तीन बार नॉक करने के बाद एक स्मार्ट लड़का दरवाजा खोलता है, और ममता को देख पूछता है "येस क्या चाहिए,!!?
ममता चौकती है क्योंकि वह तो उत्कर्ष नहीं था, फिर भी वह कहती है, उत्कर्ष ने बुलाया है।"
वह चौक कर उसे देखता है, और फिर अंदर झांक कर पूछता है "उत्कर्ष तूने किसी को बुलाया है क्या।"?
इतना सुनते ही ममता उन दोनों को इशारा कर उस लड़के को धकेल कर अंदर घुसती है, उसके पीछे से धर्मेश और सुनील भी घुसते है, धर्मेश को देख वह लड़का दरवाजे से ही भाग जाता है !!
अंदर के कमरे से बाहर निकलता हुआ उत्कर्ष कहता है "कौन आया है।"
और वह अपने सामने ममता और सुनील के साथ धर्मेश के देख चौक उठता है, और फिर कहता है "आप लोग आ गए।"
तीनों उसके इस सवाल से चौक उठते हैं, !!
धर्मेश उसका कॉलर पकड़ कर खींचते हुए कहता है, "" फलक कहां है, क्या किया तूने उसके साथ।"
उत्कर्ष कहता है " अंकल प्लीज मैने नही उसने मेरा किडनैप किया है।"
तीनों फिर से चौकते हैं, क्योंकि कहानी यहां उल्टी हो गई थी।
धर्मेश कहता है " क्या बकवास कर रहे हो, वो तुम्हारा किडनैप क्यों करेगी और फिरौती मुझसे मांगेगी, वह है कहां ।"
ममता कहती है "ये मैटर क्या है और फलक कहां है।"
उत्कर्ष कहता है "वह अभी ऊपर सोई है, वह पिछले चार दिन में करीब बीस करोड़ रुपए वह रेस में हार चुकी है और वह लोग अब उस से पैसे मांग रहे हैं और न देने पर घर पर जाने की धमकी दे रहे रहे, तो उसने मेरी एक कमजोरी का फायदा उठाकर अपने किडनैपिंग का प्लान बना लिया और मुझे जबरन धमका कर यहां ले आई और पैसे वसूली का प्लान बनाने लगी थी, वह जो भाग गया वह आजकल उसका नया बी एफ रत्नेश है , मेहरा &मेहरा का लड़का उसी ने उसको रेस का चस्का लगाया था, इन दोनों ने मुझे जबरन साथ लाकर मुझसे ये सब करवा रहे थे।"
ममता ऊपर के कमरे में जाती है उसके पीछे धर्मेश भी जाता है, ऊपर फलक शायद ड्रग्स लेकर सोई थी, उसे देख धर्मेश की आंखों में आंसू आते हैं।"
सभी लोग वापस आकर ऑफिस में बैठे थे, फलक चुप चाप सर नीचे किए बैठी थी, उत्कर्ष एक और खड़ा था।"
धर्मेश कहते हैं "बच्चों इस में तुम्हारी गलती नहीं है गलती हम जैसे मां बाप की है जो तुम लोगों पर ध्यान नहीं देते हैं, फलक उनका जो भी देना है बुला लो मैं दे देता हूं, अपनी मम्मी को कुछ मत बताना, तुम अभी घर चलो हम सुबह बात करेंगे।"
फलक अपने पिता के गले लग कर रोने लगती है, धर्मेश उत्कर्ष को धन्यवाद कहता है क्योंकि उसने ही कुछ क्लू छोड़े थे जिस से वह पकड़ में आ गए, ।"
धर्मेश ममता से कहता है "जो ऑफिस का तुम भाड़ा भर रहे हो वो अब मत देना में वह ऑफिस तुम्हारे नाम पर कर रहा हूं।"
ममता माना करती है तो वह दांत कर कहता है "तुम भी मेरी बेटी जैसी हो, और अब मैं तुम पर भी ध्यान रखूंगा, नेक्स्ट वीक में फलक और वाइफ के साथ लंदन जाऊंगा और तुम दोनों भी साथ चल रहे हो।"
सभी खुश होते ।
