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HORILAL GHRITLAHARE

Inspirational

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HORILAL GHRITLAHARE

Inspirational

गर्रा ( द किंग ऑफ ट्राइब्स)

गर्रा ( द किंग ऑफ ट्राइब्स)

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मेरे प्रिय पाठकों मैं आपको एक कहानी बताना चाहता हूं जोकि हमारे भारतवर्ष में 400 वर्षों से चली आ रही आदिवासियों के परंपरा का है। भारतवर्ष के समुदायों में आंध, गोंड, खरवार, मुण्डा, खड़िया, बोडो, कोल, भील, कोली, सहरिया, संथाल, मीणा, भूमिज, उरांव, लोहरा, बिरहोर, पारधी, असुर, टाकणकार हुआ करती थी और इन सब आदिवासी समुदायों में हर 11वर्ष मैं एक सम्मेलन का आयोजन किया जाता था जिसका नाम डूंगर था डूंगर उत्सव में ही हर 11 वर्ष में ऐसे योद्धा का चयन होता था जो जातियों का रक्षक था जिसके पास असीम ताकत सूज बूझ और सभी का प्रेम साथ होता था वही उन पर राज कर सकता था।


और इस बार भी हर वर्ष की भांति डूंगर उत्सव में आदिवासियों के रक्षक का चयन होना था जिसमें एक आदिवासी जनजाति में से एक था गर्रा । गर्रा बचपन से ही विलक्षण गुण वाला था अन्य बच्चों से जो ज्यादातर अकेला रहता था ना जाने सोचने का समय आया था उसके हां लेकिन सही बच्चों की तरह खाना बहुत ज्यादा खाया करता था इसी कारण से ज्यादा वजन उठाया करता था मेहनती होने के कारण शरीर भी चट्टान के भाती था धीरे-धीरे यह सभी आदिवासियों के बच्चे बड़े होने लगे शिकार में सम्मिलित होने लगे ।

एक दिन शाम के समय सभी अपने कबीलों में लौट रहे थे जंगलों के रास्ते, तभी तभी सभी के कानों में एक आवाज आई सभी एक जगह रुक जाए एक दूसरे को सम्मिलित करते हुए सुरक्षा का घेराव किया और वह देखते हैं कि अंधेरा बढ़ रहा है कोहरा और बढ़ रहा है फिर धीरे-धीरे सुरक्षित आगे बढ़ने लगे थोड़ी ही दूर में एक औरत की कराने की आवाज आई सभी डर के साथ घबराते हुए एक अनुभवी कबीले के व्यक्ति ने बोला कोई उस आवाज की ओर ध्यान नहीं देगा यह एक छलावा है यह कुछ भी हो सकती है भूत प्रेत चुड़ैल।


लेकिन फिर भी गर्रा उस आवाज की ओर दौड़ा न जाने कौन दर्द से कराह रहा है फिर सामने देखा एक औरत हरे वस्त्र में स्वर्ण आभूषण धारण किए हुए तड़प रही थी तभी गर्रा अपने पानी के थैले से उनके मुंह पर पानी का छिड़काव किया और पानी पिलाया फिर पूछा देवी आप कौन और यहां दर्द से कैसे करा रहे हैं क्षण भर में वह औरत एक देवी के रूप में प्रकट हुई वह और कोई नहीं वनदेवी थी जो गर्रा के स्वभाव से बहुत ही खुश हुई उन्होंने उनको एक स्वर्ण कलश में अखंड शक्ति से प्रोत्साहित किया गर्रा चौकते हुए पूछे देवी यह क्या है फिर वनदेवी ने कहा यह अखंड शक्ति रस है जो तुम्हें सहस्त्र हाथियों की शक्ति देगा जिससे तुम और अधिक बलवान हो जाओगे फिर घर रानी देवी को नमन करते हुए अखंड शक्ति रस का सेवन किया और पल भर में देवी भी लुप्त हो गई इतने में गिरना के साथियों ने पूछा क्या हुआ कौन थी तुम्हें बार-बार मना किया चाहता है अनजानी शक्तियों से दूर रहा करो तुम्हें सजा मिलेगी और सरदार तुम्हारा सजा तय करेंगे फिर सभी कबीले की ओर आगे बढ़ते हुए।



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