STORYMIRROR

बूला बक्लोल् 2

बूला बक्लोल् 2

3 mins
3.2K


मैं अभी भी नींद में ही था कि मेरा मोबाइल बज पड़ा। कोई अननोन नंबर था। उठाते ही सामने वाला फट पड़ा।

"क्यों बे, तू इस बक्लोल् बूला का दोस्त हैं ?" आवाज़ में गरज थी सो मैं तो बरस भी गया।

"जी, पर आप कौन ?" मैंने घबराते हुए पूछा।

"पांच हजार रुपये ले के सब्जी मंडी के पीछे आ जा पता चल जायेगा।" उस दमदार आवाज़ ने बोला और काट दिया।

अब हमको हमारी मम्मी बहुत याद आ रहीं थीं। पिछली बार आई थीं तो बूला जी से दूर रहने की हिदायत दे के गई थीं पर नामुराद् हम ही नहीं माने। ऐसी कौन सी बक्लोली कर दी है बक्लोलों के बेताज़् बाद्शाह् ने कि फिरौती का फ़ोन आ गया।

हमने तुरंत कालोनी की मीटिंग बुलाई और मैटर् एक्सप्लेन किया। बूला जी के लिए आगे न बढ़ना भी किसी अपराध से कम नहीं था। तो हर आदमी ने कोशिश भर मदद की १,२,५, और १० के सिक्कों से मिलकर बने उन 5000 रुपयों को लेकर मैं मरता क्या न करता की हालत में सब्जी मंडी के पीछे था।

कुछ देर में बुरी सी हालत में बूला जी वहां आ धमके।

"अरे बूला जी ये है क्या ?" हमने सवाल किया।

"अबे आँख के नसरुद्दीन शाह् , दिखता नहीं सब्जी मंडी है और वो देखो क्या ताज़ी भिंडी मिल रही है। ले आओ और डिनर में मसाले वाली भिंडी बनाओ हमारे लिए" बूला जी की बक्लोली मरगिल्ली हालत में भी जारी थी ।

"बूला जी ये नसरुदीन शाह् कहाँ से आ गया बीच में ?" मैं पहले ये वाला कन्फ्युज़न् दूर करना चाहता था।

"अबे मोहरा देखे हो अक्षय कुमार वाली उसमे नसरुद्दीन अंधा था कि नहीं।" बूला जी फरमाये।

"पर बूला जी वो तो नकली अंधा है उसमे।" मैंने तर्क रखा।

"अबे तो तुम असली हो क्या ! बक्लोलों वाली बात करते हो ।" बूला जी ने हमको हड़का दिया।

"पर बूला जी ये चक्कर क्या था। आपकी ये हालत, फिरौती का कॉल और ५००० रुपये । " मैंने सवाल दागा

"अबे मांग तो वो रहे थे पर ऐसे भक्त हो गए हमारे कि हाथ जोड़ कर बोले कि भाई जाओ गलती हो गई हमसे जो आपको पकड़ा।" बूला जी स्माइल के साथ बोले।

"पर मैटर क्या था जो आप पकडे गए ?" मैं मुद्दे को पकडे हुए था।

"अबे हम शर्त हार गए। वो परसों एक पगलेट पुल से कूद के मर गया ना तो हम कल टीवी की दुकान के बाहर न्यूज़ देखते हुए एक कद्दू सी शक्ल कसे शर्त लगाए थे कि वो नहीं कूदेगा, वो भी ५००० रुपये की।" बूला जी ने कथा वाचन स्टार्ट कर दिया।

"पर बूला जी आपको तो मालूम था कि वो कूद गया है, मेरे घर पर ही तो न्यूज़ देखी थी आपने।" मैं कन्फ्यूस् था।

"अबे तो हमको क्या मालूम था कि वो बुढ़बक फिर से वही गलती करेगा। "बूला जी मुंह में पान ठूंसते हुए बोले।

अब हमको समझ आ रहा था कि उन शर्तबाज़ो ने बूला जी को बरी काहे कर दिया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Action