भूतिया शीशा
भूतिया शीशा
एक छोटे से गांव में एक छोटा सा परिवार रहता था। उस परिवार में 3 लोग रहते थे। कुछ साल बाद वह एक सोसाइटी से बड़े घर में शिफ्ट हो गए उन्होंने सोचा कि सारी नई चीजें ले लेते हैं। फिर वो लोग बाजार चले गए उन्होंने सारी चीज खरीद ली और उनमें से उनकी सबसे प्यारी चीज शीशा था। फिर सब कुछ अच्छा चलता रहा।साथ में लड़की भी बड़ी होती जा रही थी। उसके माता-पिता भी बूढ़े होते जा रहे थे कुछ दिनों बाद लड़की की शादी तय कराई गई उसके 1 महीने की बाद की शादी थी फिर कुछ दिनों बाद उसके माता-पिता की तबीयत खराब हो गई फिर उसके कुछ दिनों बाद उसके माता- पिता की मृत्यु हो गई। और उसकी माता-पिता की इच्छा थी कि अपनी लड़की की शादी देख पाऐ यह सब देख कर उस लड़की की तबीयत खराब हो गई क्योंकि उसके माता-पिता के गम में उसने खाना नहीं खाया। और अपनी शादी से 2 दिन पहले उसकी मृत्यु हो गई और उसकी इच्छा थी कि मेरे माता-पिता मेरी शादी देख सके जब उनकी इच्छा पूरी नहीं हुई तो उनकी आत्मा को शांति भी नहीं मिली तो उनकी आत्मा शीशे में चली गई ।उनके पड़ोस में उनके चाचा रहते थे उनसे बड़ी नफरत करते थे उनके चाचा ने उनका सारा घर का सामान अपनी दुकान में बेचने के लिए रख लिया धीरे-धीरे सारा सामान बिक गया बस एक शीशा रह गया। उसमें से डरावनी आवाजें आने लगी तो उसने ध्यान से देखा की उस शीशे में से आवाज आ रही है। तो उसने सोचा कि मैं इसे बेच देता हूं तो कुछ पैसे भी मिल जाएंगे।
एक विजयनगर की सोसाइटी में उसके चाचा ने वाे शीशा बेच दिया। जो कि एक लड़की ने खरीद लिया उस परिवार में दो लोग रहते थे।और फिर कुछ दिनों बाद उन्होंने ध्यान से देखा कि हम लोग शीशा स्टोररूम में रखते थे वाे दूसरे कमरे में चला जाता था। उसमें से डरावनी डरावनी आवाजें आती थी अगले दिन उसके पति की मृत्यु हो गई फिर घर में पंडित को बुलाया उन्होंने बताया कि यह सब शीशे की वजह से हो रहा है। फिर पंडित ने पूजा कर कर उसे कमरे में बंद कर दिया फिर थोड़े दिन बाद उसके यहां अपनी दीदी के बच्चे आए एक दिन वाे खेलते खेलते उस कमरे तक पहुंच गए उन्होंने वह दरवाजा खोल दिया। और वह फिर से आजाद हो गया उस लड़की को नहीं पता कि वाे शीशा फिर से आजाद हो गया। फिर कुछ दिनों बाद उसे एक लॉटरी लग गई और उसे नहीं पता था कि वह भूतिया जगह की लॉटरी लगी है। फिर वह कुछ दिनों बाद घूमने के लिए निकलती है रात का समय हो रहा था। फिर बीच रास्ते में उसकी गाड़ी का टायर पंचर हो गया वहां पर कोई दिखाई नहीं दे रहा था वाे बहुत ज्यादा डर गई उसे डरावनी आवाजें आने लगी फिर उसने सामने देखा तो वाे शीशा धीरे-धीरे उसके पास आ रहा था। फिर वह पीछे भागी तो वहां से एक औरत आ रही थी जिसका चेहरा नहीं था। उस शीशे में से लाल खून निकलने लगा। फिर वाे तीनों लोग शीशे में से निकल कर बाहर आ गए फिर उन तीनों ने मिलकर उस लड़की को मार दिया। जब भी उन लोगों को शांति नहीं मिली और आज भी उनकी आत्मा शीशे में है वाे शीशा आज भी दुनिया में है। और वाे लोगों को आज भी मार रहा है। कहीं वह शीशा आपके घर में तो नहीं|

