Meenakshi Kilawat

Inspirational


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Meenakshi Kilawat

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अंधविश्वास का भूत शिक्षा में

अंधविश्वास का भूत शिक्षा में

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अंधविश्वास का भूत आजकल जहांतहां दिखाई दे रहा है। बच्चोको भी माॅ पिता नजाने कहांकहां से कुछ अनौखी चिजे लाकर गलेमे हातोमे पहना देते है।

ताविज, कोई सिद्धि यंत्र, काला धागा या लाल पिली चीजे  हरी मीर्च, निंबू बांधकर घर के दरवाजे पर लटका दो। रोटी और चने चौराहे पर फेंक जाते है  लेकिन अनेक टोटके आजमाने के बाद भी अम्मा के लडकियोकी शादी नही हो पा रही थी। अम्मा बड़ी परेशान थी। अम्मा को समझ में नहीं आ रहा था। अब क्या करे चारों बेटियां विवाह के लायक हो चुकी थी। रात दिन टिव्ही चॅनल या युट्युब, गुगल पे से किसिके जरिये आडियो, व्हिडीओसे जानकारी लेती थी, और वैसे ही करती थी। अंधविश्वास में पूरी तरह फंस चुकी थी। पीर फकीर बाबा के चक्कर काटने में तनाव भरा जीवन जिये जा रही थी। उसमें धनराशि, गहने चले गये थे। खेतीबाड़ी बची थी। किसी तरह गुजारा हो रहा था।  

नये नये बाबा के की तलाश में अम्मा लगी रहती थी। आखिर एक दिन वे सच्चे बाबा मिल ही गए। उनसे अम्माने अपनी आपबीती बताई, सुनकर बाबा मुस्कुराये और कहने लगे अम्मा मैं तो कोई चमत्कार जानता नही हूँ। लेकिन उपाय बता सकता हूँ। आपकी बेटियां तो सभी सुंदर है। क्या आज तक कोई विवाह के लिये बेटी का हाथ मांगने नहीं आये ?

अम्मा बोली बहुत आये लेकिन कोई भी बेटियों के लायक नही थे। बाबा बोेले ! आपकी क्या ख्वाहिश थी उन लोगो से, अम्मा बोली! हमारी तो एक ही माँग रही। बेटियों को खाते पीते और नौकरी वाले वर मिल जाये बस, बाबा बोेले ! बेटियों की पढ़ाई कहां तक हुई है बताओ। और अब इनमे क्या क्या कलागुण है यह भी बता दो। अम्मा एकदम चुप हो गई और कहने लगी। बाबा आप तो जानत हो, जमाना कितना खराब है। मैं अपनी चारो फुलसी बिटिया को बाहर नहीं जाने दिया।

बाबा हंस पडे ! फिर तो कोई चमत्कार काम नहीं करेगा।

जैसे आपकी अपेक्षा है खाते पीते और नौकरीवाले वर मिल जाये, उसी प्रकार उन्हें भी अपेक्षा होगी। शिक्षा लेनेवाला शिक्षा का महत्व जानता है। वे लोग क्यों अपने बेटों के लिये अनपढ़, निरक्षर बहू ले जायेंगे। बहुत ही बड़ी गलती कर दी अम्मा आपने। अब तो एकही रास्ता है। गरीब अनपढ़ से ही आपको बिटिया का विवाह करना पड़ेगा। उनके भाग्य अच्छे होंगे एवं मेहनती होगी तो वह सुखी जीवन बिता सकेगी। शिक्षा इंसान को क्या से क्या बना देती है। शिक्षाके बिना दुनिया में कुछ नहीं है। यह शिक्षा सामान्य आदमी से खास इंन्सान बना सकती है। आपसे बहुत बड़ी गलती हो गयी है। कहकर बाबा चले गये। अम्मा तो सर पकड़कर बैठ गयी। आँखों के आगे अंधेरा छा गया।


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