STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Inspirational

3  

V. Aaradhyaa

Inspirational

ज़िन्दगी का फलसफ़ा

ज़िन्दगी का फलसफ़ा

1 min
111

ज़िन्दगी का फलसफा यही रहा :

जो अपने बल पर खड़ा रहा !

उसके साथ कोई ना सदा रहा :

अपने कदमों पर अड़ा रहा !


कभी धूप हवा बारिश आई :

कभी कभी झंझवात भी आया !

एक बार जो दुनिया में आ गया :

उसका जाना तय होकर गया !



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational