ये बुरा दौर
ये बुरा दौर
ये बुरा दौर भी तेरा खत्म हो जायेगा
ये पर्वत भी एक दिन पिघल जायेगा
तू हिम्मत मत हार,हे माटी के इंसान,
ये तूफानों का सौर एकदिन थम जायेगा
ख़ूब रोकर तू हंसा है,
ख़ूब दर्द का किया नशा है,
खुद को पहचान मंज़िल के सिपाही,
बना ले पथ का खुद को मजबूत राही
ये बुरा दौर भी तेरा खत्म हो जायेगा
ये पर्वत भी एक दिन पिघल जायेगा
उदास हो मत,अपना धीरज खो मत
एक दिन तेरा भी वक्त लौट आयेगा
सब्र को बना हथियार,करले तू दरिया पार
कठोर कर्म से तेरा भी नाम जग में छायेगा
ये बुरा दौर भी तेरा खत्म हो जायेगा
ये पर्वत भी एक दिन पिघल जायेगा
वो ख़ुदा बड़ा दयालु है
बन्दों को देता जल्द आलू है
चलता चल,कीचड़ में तू खिलता चल
ये बुरा दौर ही तुझे कमल बनायेगा
ये बुरा दौर भी तेरा खत्म हो जायेगा
ये पर्वत भी एक दिन पिघल जायेगा।
