Dheerja Sharma
Inspirational
पैसे नहीं यादें बचाती हूँ
निवेश कर देती हूँ रिश्ते बचाने में,
अच्छी, मीठी यादें
कड़वी वहीं कहीं
फैंक आती हूँ !
वह नहीं समझेग...
ऐ अच्छी औरत
दर्जी हूँ
पत्नी और चाय
शुक्रिया सैनि...
भू स्खलन
झूठ बोलता है
अलविदा
मेरा घर
युद्ध या बुद्...
यारों आज फ़िर से याद किया जाए… क्यों ना वही इतिहास दोहरा दिया जाए। यारों आज फ़िर से याद किया जाए… क्यों ना वही इतिहास दोहरा दिया जाए।
सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी। सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी।
अति विशाल यह लिखित, लचीला है अपना संविधान बना। अति विशाल यह लिखित, लचीला है अपना संविधान बना।
माँ बनना आसान कहाँ था मौत से जूझ कर। माँ बनना आसान कहाँ था मौत से जूझ कर।
हाथ जोड़ कहते चुनाव में,माफ़ करो हुआ जो भी यहां गलती - चूक। हाथ जोड़ कहते चुनाव में,माफ़ करो हुआ जो भी यहां गलती - चूक।
दुनिया में कोई भी देश, मेरे देश से नहीं है अनजान। दुनिया में कोई भी देश, मेरे देश से नहीं है अनजान।
इस श्रृंगार में चार चांँद लगाता है उद्यान सुंदरवन सदाबहार। इस श्रृंगार में चार चांँद लगाता है उद्यान सुंदरवन सदाबहार।
जीवन क्या,बस साँसों का सौदा , ता-उम्र यहाँ बस भरनी किस्त ।। जीवन क्या,बस साँसों का सौदा , ता-उम्र यहाँ बस भरनी किस्त ।।
चौदह संतानों में बालक इक, वीर सुभाष चन्द्र बोस कहलाए।। चौदह संतानों में बालक इक, वीर सुभाष चन्द्र बोस कहलाए।।
हर चेहरे की अपनी पहचान, हर शख्स की अलग है शान। हर चेहरे की अपनी पहचान, हर शख्स की अलग है शान।
है अभिलाषा तीव्र प्रभु दर्शन की तुम्हारे, करतीं हूँ प्रार्थना जोड़ हाथ। है अभिलाषा तीव्र प्रभु दर्शन की तुम्हारे, करतीं हूँ प्रार्थना जोड़ हाथ।
क़िससे किसकी आजादी, किसको दिखती है आजादी। क़िससे किसकी आजादी, किसको दिखती है आजादी।
सह रही दर्द असीम वह औरत, लिये आस देखने को मूरत बालक की। सह रही दर्द असीम वह औरत, लिये आस देखने को मूरत बालक की।
शब्दों के खेल बड़े अद्भुत, इनके जज्बे बड़े निराले। शब्दों के खेल बड़े अद्भुत, इनके जज्बे बड़े निराले।
मां जग जननी दिल की सुनती, नित संस्कार सिखलाती है।। मां जग जननी दिल की सुनती, नित संस्कार सिखलाती है।।
नव यौवना प्रकृति चंचला, महके तन पे इत्र चंदन। नव यौवना प्रकृति चंचला, महके तन पे इत्र चंदन।
इस धरती को नमन मैं करता हूँ, जिस पर गंगा बहती है। इस धरती को नमन मैं करता हूँ, जिस पर गंगा बहती है।
छोटे-छोटे पल जीवन के कई बार हम यूंँ ही गंवा देते हैं। छोटे-छोटे पल जीवन के कई बार हम यूंँ ही गंवा देते हैं।
सबसे अलग और सबसे अनोखा ये संविधान हमारा है, ये संकल्प हमारा है, ये गणतंत्र हमारा हैI सबसे अलग और सबसे अनोखा ये संविधान हमारा है, ये संकल्प हमारा है, ये गणतंत्र ह...
नव स्फूर्ति के साथ नवाचार हो नये वर्ष में हर्ष का विस्तार हो. नव स्फूर्ति के साथ नवाचार हो नये वर्ष में हर्ष का विस्तार हो.