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Abhishek Agarwal

Romance

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Abhishek Agarwal

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याद

याद

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कोई रात नहीं गुजरी जब तुम याद नहीं आए।

जब भी बंद की पलकें तुम्हारे ख्वाब नहीं आए।।


सोचा था तुम्हारे साथ-साथ हम जिंदगी गुजारेंगे।

तुमने किया इशारा तो हम चुपचाप चले आए।।


बहुत गरूर था हमको पहलू में दिल के होने का।

गुजरे जो तेरे दर से तेरे दर पर दिल छोड़ आए।।


तुम बेवफा हो इस बात पर यकीन तो नहीं होता।

आईना देखा जब- जब अक्स तुम्हारे नज़र आए।।


तुम कहते हो तुम्हारी आरज़ू न करें हम 'अभिषेक'।

जब भी उठे कदम तेरे घर की ओर चले आए।।


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