याद
याद
याद उसकी ही आती रही रात भर।
मुझको उससे मिलाती रही रात भर।।
हम ने जब से किया है नशा प्यार का।
याद उसकी सताती रही रात भर।।
वो थी जीते गई मैं था हारा गया।
मुझसे नैना लड़ाती रही रात भर।।
हमने खोजे समंदर से मोती कई।
वो थी मुझको डुबाती रही रात भर।।
जब शमां जल गयी तो पतंगा जला।
चांदनी दिल जलाती रही रातभर।।
तेरी यादों की खुशबू मेरे साथ थी।
साथ मेरा निभाती रही रात भर।।
ओढ़ चंदन' क़फ़न सो गये जब सदा।
वो हमें ही बुलाती रही रात भर।।

