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Garima Kanskar

Abstract

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Garima Kanskar

Abstract

याद किया जाएगा

याद किया जाएगा

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मैं मैं हूँ

और मैं ही

रहना चाहिये हूँ

मुझे किसी की चादर

नही ओढ़ना है।


अपनी मेहनत

लगन से अपनी

अलग ही पहचान

बनानी है।


भले ही धीरे धीरे

पर अपने बल पे

अपने नाम का

इतिहास लिखना है।


जिसे मेटे जाने के

बाद पढ़ा जाएगा

और

मरने के बाद भी

मुझे याद किया जायेगा।


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