STORYMIRROR

Anuj 'Chaitra'

Abstract

4  

Anuj 'Chaitra'

Abstract

वसंत

वसंत

1 min
12

हरे - हरे खेत में;

खिल रहे हैं फूल,

ठण्डी - ठण्डी पवन से;

उड़ रही है धूल। 


इस ऋतु की गंध से ;

हो रहा हूँ मोहित,

करने को कुछ नया ;

हो रहा हूँ प्रेरित। 


इस वसंत के मौसम को;

देख रहे सब प्राणी व जन, 

इस मनोरम मौसम में;

मधुर हो रहा वाणी व मन। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract