वसंत
वसंत
हरे - हरे खेत में;
खिल रहे हैं फूल,
ठण्डी - ठण्डी पवन से;
उड़ रही है धूल।
इस ऋतु की गंध से ;
हो रहा हूँ मोहित,
करने को कुछ नया ;
हो रहा हूँ प्रेरित।
इस वसंत के मौसम को;
देख रहे सब प्राणी व जन,
इस मनोरम मौसम में;
मधुर हो रहा वाणी व मन।
