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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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वर्ण पिरामिड-लज्जा

वर्ण पिरामिड-लज्जा

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ये

बड़े 

बेशर्म

हैं,लज्जा तो

छूकर कभी

नहीं गुजरती

लज्जा विहीन हैं ये।


यारों

कुछ तो

शर्म करो

कब तक ये

बेशर्मी दिखाते

बेहयाई करोगे।


हैं

हम

सब ही

बेरहम

जो भी करना 

हो आकर करो

लज्जित हो जाओगे।


ये 

कैसे 

सुधरें

भला,जब

खानदान ही

इसी रंग ढंग

में रचा बसा है।


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