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वक़्त

वक़्त

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वक़्त तो हर वक़्त बस चलता ही जाएगा,

वो वक़्त अब इस वक़्त से मिलने न आएगा,

न ढूंढ उस वक़्त को हर वक़्त, इस वक़्त के लिए,

ये वक़्त भी उस वक़्त में मिल जाएगा|

इस वक़्त की आदत है बे-वक़्त आने की,

इस वक़्त को उस वक़्त की खूंट पे लाया ही जाएगा,

वो वक़्त भी क्या वक़्त था, हर वक़्त ये कहता है,

उस वक़्त को इस वक़्त में रुलाया ही जाएगा|

किसी वक़्त जब वक़्त पर उस वक़्त से मिलाएगा,

उस वक़्त को इस वक़्त की गोदी में ही सुलाएगा,

उस वक़्त की याद में ये वक़्त हर वक़्त तड़पा,

न जाने किस वक़्त, ये वक़्त उस वक़्त को भुलाएगा|

क्यूँ इस वक़्त को उस वक़्त के हम नाम करते हैं,

शायद ये वक़्त भी किसी वक़्त, मिलने का वक़्त पाएगा,

ये वक़्त अब हर वक़्त बस कहता ही जाएगा,

वो वक़्त अब इस वक़्त को समझा न पाएगा |

वक़्त-वक़्त की बात है, बे-वक़्त कहने की,

कोई और वक़्त, इस वक़्त पे फिर आ ही जाएगा|

 


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