वफ़ादारी
वफ़ादारी
वफ़ादारी करता हूँ
मेहनत की खाता हूँ
एहसान फरामोश नहीं हूँ
दुम भी हिलाता हूँ
ये मनुष्य बड़े पगले हैं
बेईमानी खुद करते हैं
गाली मुझे देते हैं
दिल पर इनसे तीर पाता हूँ
स्वामिभक्त हूँ
कर्तव्य पर सख़्त हूँ
कभी जान भी गंवाता हूँ
लोग मुझ पर पत्थर फेंकते
आत्मा मेरी तोड़ते
आवारा होकर भी
चोरों को भागता हूँ
हे ख़ुदा मेरा भी इंसाफ कर दे
मुझे भूलकर भी इंसान मत कर दे
जिस थाली में खाया
उसका कर्ज़ चुकाता हूँ
