Awadhesh Kumar
Romance
नए दौर की राह में, वो गज़ल बनके आये,
मेरे टूटे अल्फ़ाज़ों में, प्यार का गीत लाये।
उस आखिरी मुलाकात में भी, वो बहुत मुस्कुराये,
वो जब याद आये, बहुत याद आये ।
~दर्द
तलब
~पहला पन्ना
हिचकी
कोरोना की दुन...
~ख़ुदा
9 बजे 9 मिनट
नशा
आँखों की साज़...
यादें
जगमगाता आकाश, बिछा दिया सितारों का जाल। जगमगाता आकाश, बिछा दिया सितारों का जाल।
निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है! निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है!
कोमल बांहें फैला जैसे आलिंगन जादू जगाया मन चितवन से व्याकुलता आलस को भगाया कोमल बांहें फैला जैसे आलिंगन जादू जगाया मन चितवन से व्याकुलता आलस को भगाया
कोई फिर से प्यार के वही लम्हें जीना चाहता है। कोई फिर से प्यार के वही लम्हें जीना चाहता है।
हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न देते हो गुलाब न ही ... हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न...
अर्ध मौन, अर्ध अभिव्यक्ति तुम तुम अर्ध प्रेम की भाषा। अर्ध मौन, अर्ध अभिव्यक्ति तुम तुम अर्ध प्रेम की भाषा।
तुम कहो तो तुम्हारे नाम एक गज़ल लिख दें बरस जाओगे क्या बेवजह तुम्हे बादल लिख दें। तुम कहो तो तुम्हारे नाम एक गज़ल लिख दें बरस जाओगे क्या बेवजह तुम्हे बादल लिख ...
नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा
अब मैं बताता भी तो क्या बताता अब बताने को ज्यादा कुछ। अब मैं बताता भी तो क्या बताता अब बताने को ज्यादा कुछ।
तुम और तुम्हारी यादें...क़ैद ही रहना चाहती हैं मेरे दिल के किसी अंधेरे कोने में। तुम और तुम्हारी यादें...क़ैद ही रहना चाहती हैं मेरे दिल के किसी अंधेरे कोने ...
उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई। उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई।
वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक… वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक...
'नही चाहिए था कोई तीसरा , मुझे हम दोनों के बीच। पर तू भी यही सोचे, ये जरूरी तो नहीं।' प्यार में प्रे... 'नही चाहिए था कोई तीसरा , मुझे हम दोनों के बीच। पर तू भी यही सोचे, ये जरूरी तो न...
जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो। जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो।
खिले पँखुरिया ज्यों गुलाब की , ऐसे अधर खिले तेरे ! खिले पँखुरिया ज्यों गुलाब की , ऐसे अधर खिले तेरे !
इक बंजारे के दिल की आवाज़। इक बंजारे के दिल की आवाज़।
रे पागल मन यहाँ किसका हुआ तू दीवाना कैसे बताऊँ तुझे कितना ज़ालिम है ज़माना। रे पागल मन यहाँ किसका हुआ तू दीवाना कैसे बताऊँ तुझे कितना ज़ालिम है ज़माना।
अनुरागी लालिमा कपोलों पर छटा इंद्रधनुषी-सी खिल गई। अनुरागी लालिमा कपोलों पर छटा इंद्रधनुषी-सी खिल गई।
ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स, ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स,
'गुस्सा में क़यामत है, और शरमाये तो करामात है, दो आँखों में हज़ारों अदाएं, और सबमे अलग बात है !' एक खु... 'गुस्सा में क़यामत है, और शरमाये तो करामात है, दो आँखों में हज़ारों अदाएं, और सबमे...