वो अजनबी सी दुनिया
वो अजनबी सी दुनिया
कितनी अजनबी सी दुनिया थी
सबसे 6 फुट की दूरियां थीं
चारों तरफ सन्नाटा सा था
कोरोना की दहशत का झन्नाटा सा था
लॉकडाउन में देश जकड़ा पड़ा था
कदम कदम पर मौत का पहरा कड़ा था
सड़कें रामसे ब्रदर्स की मूवी सी वीरान थी
जिंदगी डर के मारे हैरान परेशान थी
सौन्दर्य मास्क की ओट में छुप गया था
कुछ दिनों के लिए समय रुक सा गया था
घर जेल में तब्दील हो गये थे
सारे काम धंधे ठप्प हो गये थे
नदियां निर्मल बनकर अमृत सी बहने लगी थी
वातावरण में वायु भी स्वच्छ रहने लगी थी
रामायण, महाभारत का दौर लौट आया था
जिन्हें भूल गये थे वो भगवान याद आया था
सैनेटाइजर "जीवन रक्षक" बन गया था
मास्क कर्ण का सा कवच बन गया था
अपनों ने अपनों से दूरियां बना लीं
इंसान लावारिस हो गया था,
ये कैसी दुनिया बसा ली थी ।
