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अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

Abstract

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अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

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विवाह

विवाह

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विवाह, होता है जीवन भर का रिश्ता

जिसमें

दो अजनबी

शुरुआत करते हैं

नए परिवार व नए लोगों के साथ

एक नए जीवन की

जिस जीवन में

झेलते हैं 

सुख व दुख दोनों मिलकर

चलते हैं साथ-साथ 

कदम से कलम मिलाकर

अपने शादी की सालगिरह पर

अटूट बंधन की गुजरे सालों को

याद करते हुए,

खाते हैं कसमें

आगे भी प्रेम न्योछावर करने की,

कदम से कदम मिलाकर चलने को,,,

और बुढा़पे में भी बनते हैं

एक-दूसरे का सहारा।


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