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Aniket Bobkar

Tragedy

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Aniket Bobkar

Tragedy

विनाशकारी महंगाई

विनाशकारी महंगाई

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बहन, पैसे की महंगाई

पोपुलेशन के साथ आई

नाम मे इसके अक्षर है चार

फिर भी आती है बार बार

स्केम, करप्शन इसके भाई

साथ में टेंशन लेकर आई

देखो आई महंगाई ।


नेशनल इनकम को कम कराई

रुपये की वैल्यू भी घटाई

बैंक्स के रेपो रेट्स हिलाये

शेयर मार्केट तो डगमगाए ।


रिसेसन, डिप्रेशन भी ले आई

अनइम्पलोयमेंट का रेशियो बढ़ाई

हुमन रिसोर्सेज को वेस्ट कराई

गरीब का जीना मुश्किल कराई ।


देखो देखो लौट आई

विनाशकारी महंगाई ।


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