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Unnati Bhagat

Children

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Unnati Bhagat

Children

विद्यार्थियों का स्वागत

विद्यार्थियों का स्वागत

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सुन ली पुकार बच्चों की जैसे, स्कूल खुल गए पहले के जैसे, 

 अस्त व्यस्त सी ज़िंदगी फिर से संवर गई हो जैसे। 

 

 वह मिलना दिल से बच्चों का शिक्षकों से,

 बातें करना मन और दिल खोलकर मिले हो पहली बार जैसे,

 देखना स्कूल को पहली बार देख रहे हो जैसे,

 वापिस सुबह उठना जल्दी मैनेज कर रहे है जैसे तैसे। 

 

 फिर भी देखो खुशहाली है कितनी दिलों में,

 उत्साह बरक़रार है अभी तक वैसे के वैसे,

 मिलना अपने मित्रों से, चटर-पटर करना पूरे दिन,

 मिस कर रहे है ऑनलाइन के बच्चे अभी भी ऐसे। 

 

 वापिस आ गए है सब अपने घर, लौट आई है खुशियाँ जैसे,

 अब न हो कोई बदलाव, ख़ुशी बरक़रार रहे सबकी ऐसे के ऐसे, 

 ढाला है अभी-अभी वापिस नए ढांचे में सबने अपने आप को 

 न्यू नॉर्मल अब हो गया है नॉर्मल जैसे 

 

 सुन ली पुकार बच्चों की जैसे, स्कूल खुल गए पहले के जैसे, 

 अस्त व्यस्त सी ज़िंदगी फिर से संवर गई हो जैसे। 

 

                


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