Pawanesh Thakurathi
Inspirational
वह वृक्ष वृक्ष नहीं,
जो छायादार नहीं है।
वह घर घर नहीं,
जो हवादार नहीं है।
सच कहूँ तो जो
अपने वतन से,
मुहब्बत ना करे,
वह मनुज भी मनुज
कहलाने का,
हक़दार नहीं है।
दिसंबर के मही...
गणतंत्र
तिरंगा
चोर
जीवन लाखों का...
प्यारी हिंदी ...
पत्रकार, तुम ...
डर
समस्या
हल को हुआ बंज...
गुरु नाम का रत्न पाकर, जीवन मेरा धन्य हो गया। गुरु नाम का रत्न पाकर, जीवन मेरा धन्य हो गया।
रिश्तों को, जेवर भी मत समझो, दिखाने को पहना, अलमारी के लॉकर में बंद कर दिया। रिश्तों को, जेवर भी मत समझो, दिखाने को पहना, अलमारी के लॉकर में बंद ...
समय बड़ा बलवान है ये धन से अधिक मूल्यवान है. समय बड़ा बलवान है ये धन से अधिक मूल्यवान है.
मेरी जिंदगी की हर सुबह और शाम मैंने तो कर दी है,बालाजी तेरे नाम. मेरी जिंदगी की हर सुबह और शाम मैंने तो कर दी है,बालाजी तेरे नाम.
सबसे सुन्दर अति मनभावन, अपनों हिन्दुस्तान।। सबसे सुन्दर अति मनभावन, अपनों हिन्दुस्तान।।
समय बहुत विकट है उस पर, शिक्षा का व्यापारी करण, समय बहुत विकट है उस पर, शिक्षा का व्यापारी करण,
तब बाबा तुम खिवैया बन प्रकट हुए थे ले संकल्प नव सोच नव कृति संरचना की।। तब बाबा तुम खिवैया बन प्रकट हुए थे ले संकल्प नव सोच नव कृति संरचना की।।
स्वप्नों के निलय को, तुम नया आकार देना , प्रेम के प्यासे ह्रदय को, ढेर सारा प्यार देना स्वप्नों के निलय को, तुम नया आकार देना , प्रेम के प्यासे ह्रदय को, ढेर सारा प...
टेसू के ये पुष्प तो देखो, अंगारे से दहकते हैं। टेसू के ये पुष्प तो देखो, अंगारे से दहकते हैं।
आओ मेरे दोस्तों कुछ ऐसा भी कर लेते हैं। आओ मेरे दोस्तों कुछ ऐसा भी कर लेते हैं।
जाति धर्म का बंधन तोड़ता भावी जीवन का करूं निर्माण जाति धर्म का बंधन तोड़ता भावी जीवन का करूं निर्माण
सादर नमन है तुमको तुलसी, करते हैं शत शत वंदन। सादर नमन है तुमको तुलसी, करते हैं शत शत वंदन।
ये तो नहीं उचित है, रस्ते से लौट आना । आसान भी नही है, जीवन के पार जाना ।। ये तो नहीं उचित है, रस्ते से लौट आना । आसान भी नही है, जीवन के पार जाना ।।
मैं सब तुमसे सीखता, और आज चीनी सामान का विरोध करता। मैं सब तुमसे सीखता, और आज चीनी सामान का विरोध करता।
शिक्षा जीवन का आधार होता इसके बिना जीना बेकार है. शिक्षा जीवन का आधार होता इसके बिना जीना बेकार है.
हौसलों के आगे किसी की क्या औक़ात है गिरे हो तो सम्भलो स्वयं अभी शुरुआत है। हौसलों के आगे किसी की क्या औक़ात है गिरे हो तो सम्भलो स्वयं अभी शुरुआत है।
गुरू ज्ञान से सींचकर बीज को सशक्त वट बनाते हैं। गुरू ज्ञान से सींचकर बीज को सशक्त वट बनाते हैं।
संघर्ष भरी इस रणभूमि में मानव तुमको लड़ना होगा। संघर्ष भरी इस रणभूमि में मानव तुमको लड़ना होगा।
घर-घर बंधे वंदनबारे। मां गौरा के ललना पधारें।। घर-घर बंधे वंदनबारे। मां गौरा के ललना पधारें।।