वेस्ट से बेस्ट
वेस्ट से बेस्ट
हम सब चाहते बनना सर्वश्रेष्ठ
हम सब चाहते बनना सर्वश्रेष्ठ
ईश्वर भी चाहता बनाना,बेस्ट
फिर कहाँ से आया वेस्ट
वेस्ट को हटा ,बन बेस्ट
माता पिता चाहते बनाना बेस्ट
बेस्ट की चाहत, कमी रह गई
वेस्ट को समझ ना पाए
समय संसाधन यों ही गवाएं
बात तो सीधी सपाट सी है
फिर कहां से आया वेस्ट?
ये तो संतुलन है, है ना?
वेस्ट हटा अपना,बेस्ट बना
विचार ,व्यर्थ करते हैं अनर्थ
सभी का यही हाल है, या नहीं
साधे तो अर्जुन होय,जानते हैं ना
तभी तो दशरथ मांझी कहलाये
हमे ही तो बनना है सर्वश्रेष्ठ, है ना
सभी बने ,यही तो करना है
निरर्थक निराधार को छोड़, रणछोर?
परिश्रम व श्रम विचारों पर कर
व्यर्थ हटा गुणों को अपना,बस
मनसा कर्मा वचना, प्रहरी बन
अर्जुन बन या कर्ण सा बन
चुनाव वेस्ट को छोड़ने का ही है
फिर चाहे गांधी या गोडसे बन।
