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Shashi Roy

Classics


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Shashi Roy

Classics


उसे फिक्र है मेरी

उसे फिक्र है मेरी

1 min 185 1 min 185

कहते है मुझसे अपने

मेरे साथ है जिनके सुनहरे सपने

ना कहा करो कुछ ऐसा,

कि हो जाए जमाने में बगावत जैसा


फिर रहकर खामोश

कुछ पल यूँ ही,

पूछती हूँ उनसे सवाल पहला पहला


रहते हैं चार दीवारों में

जिसे कहते है हम घरोंदा अपना

तो क्या ये घरोंदा नहीं आता उस जहान में

जिसे कहते है हम भारत हमारा।


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