STORYMIRROR

Omkar Pokale

Tragedy

3  

Omkar Pokale

Tragedy

उस चीज की कीमत उनसे पूछो

उस चीज की कीमत उनसे पूछो

1 min
1.0K

बहुत लोग कहते हैं अपनी माँ से, मुझे ये सब्जी नहीं वो सब्जी चाहिए

अरे आप उस रोटी और सब्जी की कीमत जाकर उनसे पूछिए जिन्होंने पूरी एक रोटी अपने जिंदगी मे नहीं खाई I


अलमारी कपड़ों से भरी हैं फिर भी आप कहते हो की कपडे नहीं हैं ,

अरे वो कपड़ों की कीमत उनसे पूछो जिनके कपडे आधे से ज्यादा फटे हैं I


आज कल लोग दो केक लाते हैं , एक खाने के लिए और एक मुँ पे लगाने के लिए 

अरे आप उस एक केक की कीमत उनसे जाकर पूछिए जो रोज़ रात भूके सोते हैं I


जूते आज थोड़े फटे नहीं की कल तक नये चाहिए,

अरे आप उस फटे जूतों की कीमत उनसे पूछिए जो नंगे पैर धुप मे तपते हैं I


जब पढ़ाई मे मन नहीं लगता तो कहते हैं की काश ये पढ़ाई नहीं होती,

अरे आप उस पढ़ाई और पाठशाला की कीमत उनसे पूछिए जो गरीब होने के कारण पढ़ नहीं सकते I


जब दोस्त का बड़ा घर देखते हैं तो कहते मेरा घर कितना छोटा है ,

अरे तुम्हारे उस छोटे घर की कीमत उनसे पूछो जिनके सर पर छत नहीं हैI


इसका मतलब यह नहीं की आप आगे मत बढ़ो

लेकिन जब दूसरों को देख हमें अपनी चीज छोटी लगे न तो याद रखना, तुम्हारा समय अच्छा नहीं ह न तो बोहोत लोगों का बत्तर हैं I


       



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy