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Sushil Kharat

Romance

4  

Sushil Kharat

Romance

तू मिले

तू मिले

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389

करीब नहीं मेरे तू

फिर भी पास हो 

अनजानी थी तुम 

अब सबसे खास हो 

तुझसे बाते करता हूँ तो 

अलग सी दुनिया में खो जाता हूँ 

जिंदगी भर तू मेरे साथ रहे 

यह सपने देखता हूँ 

कुछ नहीं मांगा तुझसे मैंने 

बस थोड़ा तुम्हारा वक्त निकालकर 

मुझसे वक्त बाट लिया करो 

हर पल मुझसे बात कर लिया करो 

मेरी इन बाहो में भर के तुझे 

तेरे माथे को चूमकर 

यह सारी दूरियाँ मिटा दूँ 

आँख खुलते सबसे पहले 

तेरी तस्वीर को देखता हूँ 

तेरी प्यारी सी मिठी आवाज 

मुझे कायल कर देती है

नशीली तेरी आँखें मुझे 

घायल कर देती है 

नसीब से मिली तू मुझको 

मेरी नजरों से नजरे 

नहीं मिलाती तू

तुझे डर है क्या किस बात का 

तेरा मेरा एक है रास्ता 

तुझे दिल से चाहता हू 

यह तू भी जानती हो

मैं तुझे अपना जीवनसाथी 

मानता हू क्या तू भी मानती है 

कल किसने देखा है 

लेकिन तू इस पल तो मेरे साथ है 

बहुत जल्द आयेंगे तेरे शहर 

तेरे साथ बैठेंगे और कहेंगे तुझसे 

क्या थे और क्या बन गये हम 

कौन सा रास्ता है तेरे दिल में उतरने का 

गुमराह कर दे मुझे तेरी दिल कि गलियों में 

ना छोडूं तेरा साथ कभी 

पकड़ के रखना जुल्फों से मैं कोशिश भी 

नहीं करूंगा बाहर निकलने की 

मैं आऊंगा बस तुम्हारे लिए 

कभी ना वापस आने के लिए 

दिल में है तू मेरे तू बस साथ देना 

मैं साथ रहूंगा सात जनम के लिए 

कभी नहीं जोड़े यह हाथ किसी भगवान के 

आगे लेकिन तेरी चाहत में तुझे पाने कि खातिर 

मैं हर एक भगवान से मांग रहा हूँ

कि उसे मेरा सिर्फ मेरा बना दे ।



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