तुम्हारी तस्वीर
तुम्हारी तस्वीर
हर तस्वीर तुम्हारी याद दिलाती हैं
वो गुज़रे हुए वक़्त
में फिर से ले जाती हैं
कफ़न उड़ा कर दफ़न
किया था कब्र में
उन पलों को फिर से
जिंदा करने की कोशिश करती हैं
की तेरी तस्वीर भी
मेरे जख्म कुरेदती हैं
जो भुलाने की कोशिश हैं तुझे
उसे हर बार बर्बाद कर जाती है
जो चुभता है मुझे हद से ज्यादा
उस दर्द को वो बेहद कर जाती है।

