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Shivam Gupta

Romance

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Shivam Gupta

Romance

तुम्हारा इश्क

तुम्हारा इश्क

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तुमसे मिलने का असर अब मुझ पर होने लगा है 

देखो मुझे भी तुम सा ही इश्क़ होने लगा है !!


जीवन का जो बस तर्क वितर्क लिखा करता था 

अब झुमके कंगन पायल से भी मानो प्रेम होने लगा है !!


मैं नहीं कहता तुम बस मेरी हो जाओ 

पर मेरा हृदय हर पल तुम्हारा होने लगा है !!


तुम चाहो तो हो जाना हमसफ़र किसी और की 

मेरे सफ़र का हर रास्ता मानो तूम पर ठहरने लगा है !!


तुम्हें प्रेम है मुझसे ये तुम छुपा रही हो खुद से भी 

एक मेरा दिल जो तुम्हारे नाम को भी गुनगुनाने लगा है !!



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