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LAXMIPRIYA SAHU

Romance

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LAXMIPRIYA SAHU

Romance

तुम को

तुम को

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80

मैंने सुबह भी चाँद देखा है, 

दिल के टुकड़ो मे तेरा नाम देखा तो है, 

गलत देखा है अगर तो बताना, 

चलती हुई हवा मे भी तुझको पहचान देखा है! 


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