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Praveen Gola

Romance

4  

Praveen Gola

Romance

तुम बस आ जाओ

तुम बस आ जाओ

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कोई बहाना ना अब चलेगा ,तुम बस आ जाओ ,

मेरा ठिकाना ना अब रहेगा ,तुम बस आ जाओ।

राह तकते - तकते हुए ,ये उम्र बीत गई ,

चंद साँसों की उम्मीद है ,तुम बस आ जाओ।

बंद नैनों में थी तस्वीर ,जो किसी को दिखती ना थी ,

खुले नैनों में ना सब देख लें ,तुम बस आ जाओ।

सब समझते हैं कि कोई है ,मगर वो कौन है भला ?

सबके सवालों को शांत करने ,तुम बस आ जाओ।

चाहती हूँ मिलना अब ,उम्र के इस पड़ाव में ,

तेरी झलक पाने को हूँ बेताब ,तुम बस आ जाओ।

साँसों को संभाल रखा है ,तेरी साँसों में घुलने के लिए ,

ये उखड़ ना जायें वक़्त से पहले ,तुम बस आ जाओ।

कोई बहाना ना अब चलेगा ,तुम बस आ जाओ ,

मेरा ठिकाना ना अब रहेगा ,तुम बस आ जाओ।।



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