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Kishan Kaushik

Abstract

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Kishan Kaushik

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तुझे सब कुछ मिल जाएगा बस के.के

तुझे सब कुछ मिल जाएगा बस के.के

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तुझे सब कुछ मिल जाएगा

बस के.के. न मिल पाएगा,

तुझे याद बहुत आएगा

जब दिल कोई दुःखाएगा,

हर बात पे रूठ जाना

आदत होगी रे तेरी,

हर बार तुझे मनाना

इबादत थी रे मेरी,

पर मेरे जैसा कमीना

अब तू देखेगी कभी न,

भले दुनिया में रह अकेली

मर जाएँ तेरी सारी सहेली

तो भी तुझे ना मनाएगा

तुझे सब कुछ... हाँ

तुझे सब कुछ मिल जाएगा

बस के.के. ना मिल पाएगा।


तूने समझा पागल सही था

तेरे लिए मैं पागल ही था,

नीयत भी मेरी ख़राब थी,

और काला ये दिल भी था,

चल छोड़ बात पागल की

जरा सुन एक बात अक्ल की,

जितने तू करती है कोई नखरे

गर कीमत ना हो शक्ल की

तो कोई ना उठाएगा,

तुझे सब कुछ... हाँ

तुझे सब कुछ मिल जाएगा

बस के.के. ना मिल पाएगा।


जो राधे का नन्दलाल का

जो मीरा का गोपाल का,

हाँ मेरा भी वो हाल था

ओर ये बडा कमाल था,

मेरे लिए जीवन मर्यादा

आदर्श राम और सीता,

मैं बन्दा सीधा-साधा

मैंने पढ़ी प्रेम की गीता,

साथ ना कुछ जायेगा

तुझे सब कुछ... हाँ

तुझे सब कुछ मिल जाएगा

बस के.के. ना मिल पाएगा।


गजब का अबके साल है

जीना मेरा मुहाल है,

रूप में तेरे निखार है

खून में मेरे उबाल है,

रह-रह के चमके बिजली

गरज-गरज बरसें बादल,

पंछी चहकें झूमें तितली

बस मेरे मन का पंछी,

कुछ ना गा पाएगा

तुझे सब कुछ... हाँ

तुझे सब कुछ मिल जाएगा

बस के.के. ना मिल पाएगा।


मैं भी जानूं तू भी जाने

तू दिल मेरे करीब है,

मैं जां मानूं तू ना माने

बात ये जरा अजीब है

कोई वफ़ा करें बेवफाई मिले,

किस्मत जिनकी गरीब है

बेवफा को सच्छा प्यार मिले,

ये उनका अपना नसीब है

जो कोई ना बदल पाएगा,

तुझे सब कुछ... हाँ

तुझे सब कुछ मिल जाएगा

बस के.के. ना मिल पाएगा।


तुझे याद बहुत आएगा

जब दिल कोई दुःखाएगा,

बस प्यार ही प्यार तुझको

हाँ प्यार ही प्यार तुझको,

कोई ना कर पाएगा

तुझे सब कुछ... हाँ

तुझे सब कुछ मिल जाएगा

बस के.के. ना मिल पाएगा।



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