Praveen Kumar Kotia
Comedy
थके हुए लोगों के लिये जब चाय लेकर आता चायवाला,
हर कोई पहले पाना चाहता वह गर्म गर्म लुभावना प्याला,
वह बेचारा इधर उधर नाचाता बन् सुंदर छबीली साकीबाला,
जहाँ छा जाए चाय की मस्ती वह जगह बन जाती मदुशाला।
Wish you a happy tea day
विकास का तांड...
माँ का हाथ है...
टीशाला
कबूतर को मिली है प्रचार की जिम्मेदारी घर घर बाटी है उसने सामग्री सारी। कबूतर को मिली है प्रचार की जिम्मेदारी घर घर बाटी है उसने सामग्री सारी।
बच्चे बोले पापा पागल हैं घरवाली बोली ई तो गये हैं बौरा! बच्चे बोले पापा पागल हैं घरवाली बोली ई तो गये हैं बौरा!
ताऊ जाते सीना तान खिचड़ी कर गए सारा ज्ञान। ताऊ जाते सीना तान खिचड़ी कर गए सारा ज्ञान।
बैठने को, कुर्सी प्यारी जिसको भी, मिल जाती। बैठने को, कुर्सी प्यारी जिसको भी, मिल जाती।
ना सासू पूछे न साली, समझती कुछ भी नहीं अब घरवाली। ना सासू पूछे न साली, समझती कुछ भी नहीं अब घरवाली।
एक दो मॉडलिंग ही मिल जाती, काश मेरी भी बॉडी बन जाती। एक दो मॉडलिंग ही मिल जाती, काश मेरी भी बॉडी बन जाती।
दिवस मंगल शुभ हैं आई। कढ़ाई पनीर विवाह रचाई।। १ खुश हैं दादा गरम मसाला। दिवस मंगल शुभ हैं आई। कढ़ाई पनीर विवाह रचाई।। १ खुश हैं दादा गरम मसाला।
विकट समय है सब आक्रांत हैं जाए अब ये कोरोना। विकट समय है सब आक्रांत हैं जाए अब ये कोरोना।
वह प्रकृति के साथ बैठकर मंद मंद मुस्कुरा रहे थे। वह प्रकृति के साथ बैठकर मंद मंद मुस्कुरा रहे थे।
पता नहीं कैसा बर्तन लाए, देख कर हम को, सिटी बजाए। पता नहीं कैसा बर्तन लाए, देख कर हम को, सिटी बजाए।
जब मरता है, जीव इंसान के लिए इंसान खुद, खुद की जान से गया। जब मरता है, जीव इंसान के लिए इंसान खुद, खुद की जान से गया।
अंग्रेज बोला कि वो पीली-पीली बच्चें की टाटी लाना। अंग्रेज बोला कि वो पीली-पीली बच्चें की टाटी लाना।
और पक्षपात से, जीता भी दिया जाता रहा है। आजादी के बाद से। और पक्षपात से, जीता भी दिया जाता रहा है। आजादी के बाद से।
एक दिन बइठे सोच लिये हम, राजनीति में बड़ा है दमखम। एक दिन बइठे सोच लिये हम, राजनीति में बड़ा है दमखम।
कितना मुझ को लटकाओगे, पूछे नीली टाई। कितना मुझ को लटकाओगे, पूछे नीली टाई।
देके लालच खाने का उसको, पिंजरें में फँसाए हम। देके लालच खाने का उसको, पिंजरें में फँसाए हम।
बच्चा बाप पर ना जाए बस इसी बात से डर रहा हूँ। बच्चा बाप पर ना जाए बस इसी बात से डर रहा हूँ।
कल जवान की शहादत तौलेंगे, नेता जी वोट बटोरेंगे ! कल जवान की शहादत तौलेंगे, नेता जी वोट बटोरेंगे !
सोने को जब ये बिस्तर पे जाता है घोड़े के जैसे खर्राटे ये भरता है। सोने को जब ये बिस्तर पे जाता है घोड़े के जैसे खर्राटे ये भरता है।
नहीं छुएगी बीमारी नहीं रहेगा हाजमा गंदा ! नहीं छुएगी बीमारी नहीं रहेगा हाजमा गंदा !