Praveen Kumar Kotia
Comedy
थके हुए लोगों के लिये जब चाय लेकर आता चायवाला,
हर कोई पहले पाना चाहता वह गर्म गर्म लुभावना प्याला,
वह बेचारा इधर उधर नाचाता बन् सुंदर छबीली साकीबाला,
जहाँ छा जाए चाय की मस्ती वह जगह बन जाती मदुशाला।
Wish you a happy tea day
विकास का तांड...
माँ का हाथ है...
टीशाला
ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की! ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की!
वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने में गुज़रेगी ; ईद---... वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने...
इस कल्पवृक्ष का हर कोई अभिन्न अंग है, बांध कर रखे हैं हमें प्यार, आदर और सत्कार। इस कल्पवृक्ष का हर कोई अभिन्न अंग है, बांध कर रखे हैं हमें प्यार, आदर और सत्क...
वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन। वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन...
आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली में खोसा. मैंने इन स... आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली ...
जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली
न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग
बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है
कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे। कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे।
मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सबकुछ जानते हुए भी तु... मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सब...
नेताजी की शेरवानी के बटन होल में नेताजी की शेरवानी के बटन होल में
उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्या है? उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्य...
तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बेरंग और निष्ठुर होना ... तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बे...
ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर। ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर।
एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई होने का फर्ज ठीक से ... एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई ...
क्या होती है गरीबी? क्या करती है ये गरीबी? क्या होती है गरीबी? क्या करती है ये गरीबी?
आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सांसों से ज्यादा जरूरत ... आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सां...
द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती। द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती।
कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओं और संलापों को अपने... कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओ...
साले साली की महिमा ऐसी, मरू में हरे सरोवर जैसी । घर पे होते जो मेहमान , नित मिलते मेवा प... साले साली की महिमा ऐसी, मरू में हरे सरोवर जैसी । घर पे होते जो मेहमान , ...