तिरंगा -मेरी आन बान और शान
तिरंगा -मेरी आन बान और शान
"तिरंगा—मेरी आन, बान और शान"
तीन रंगों का लहराता तिरंगा जब आसमान में,
चार चाँद लगा देता है हर हिंदुस्तानी के स्वाभिमान में।
केसरिया कराता सबको वीरता की पहचान,
सफेद सिखाए शांति और सच्चाई का मान।
हरा रंग खुशहाली की नई आस जगाए,
अशोक चक्र हमें कर्म-पथ पर आगे बढ़ाए।
तीनों रंगों में बसता हर भारतीय का अभिमान,
तिरंगा है मेरी आन, बान और शान।
वीरों के बलिदान की गाथा है इसमें,
माँ भारती की पावन परिभाषा है इसमें।
सीमा पर खड़ा हर वीर इसका सम्मान,
इसके लिए न्योछावर कर दे अपनी जान।
न जाति धर्म, न भाषा, न कोई अन्य भेदभाव,
तिरंगा देता अनेकता में एकता का सुंदर भाव।
इसके साए में बना हिंदुस्तान महान,
तिरंगा है मेरी आन, बान और शान।
जब तक सूरज-चाँद रहेगा दुनिया के आसमान में,
तब तक बढ़ोतरी होती रहेगी भारत के सम्मान में।
हर दिल में गूंजेगा यही जय हिंद का गान,
तिरंगा है मेरी आन, बान और मेरी शान!
✍️मुकेश कुमार सोनकर, रायपुर छत्तीसगढ़
