STORYMIRROR

Ervivek kumar Maurya

Romance

3  

Ervivek kumar Maurya

Romance

तेरी आदतों की लत लग चुकी है

तेरी आदतों की लत लग चुकी है

1 min
249

तेरी आदतों की मुझ को लत लग चुकी है

तू ही मेरी अब रब बन चुकी है

तेरी आदतों की


तुझे पाने की सुबह-शाम दुआएं था करता

तुझे पाने के कई कलमे था पढ़ता

तू ही मेरी अब दुआ बन चुकी है

तेरी आदतों


निकलता था खुद को तुझ में ढूंढने को

गिराता था खुद को तुझे उठाने को

तू ही दिल के रांझे की हीर बन चुकी है

तेरी आदतों


मेरी चाहतों का तू चमकता तारा है

तेरे सिवा मेरा न कोई सहारा है

मेरे राह की तू हमसफ़र बन चुकी है

तेरी आदतों


प्रेम के सारे पन्ने तुझे में सुना दूँ

तू जो कहे तो एक नई दुनिया बसा दूँ

मेरे प्रेम नगर की तू रानी बन चुकी है

तेरी आदतों



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance