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Lakshman Jha

Inspirational


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Lakshman Jha

Inspirational


“ स्वतंत्रता की धीमी रफ्तार “

“ स्वतंत्रता की धीमी रफ्तार “

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विकास के कदम

आवाध गति से

चल रहे हैं !

जब से हमें

आजादी मिली है

तब से ही हमारा

देश चमक रहा है !!

प्रजातान्त्रिक परिवेशों

में हमारा भारत

बढ़ता चला गया !

यह सबके योगदानों

का सिलसिला

बनता चला गया !!

हमें उन

“स्वतंत्रता सेनानियों”

की कुर्बानियों

को याद रखना है !

गर्व से उनके

बलिदानों को हमेशा

याद करना है !!

वो भ्रम टूट गए

विदेशों के जो कहते थे

हम चल ना सकेंगे !

कई दशकों से

हम चल रहे हैं

अब वे कहते हैं

हम रुक ना सकेंगे !!

पर हमारे कदम

कुछ अब

लड़खड़ाने लगे हैं !

एक कदम आगे

चलते हैं

तो दो कदम

पीछे आने लगे हैं !!

स्वास्थ्य सेवाओं में

हम अभी तक

संभल नहीं पाए !

लोग मरते चले गए

पर उनको हम

बचा नहीं पाए !!

शिक्षा का दीप भलीभाँति

ना जल पाया

हम शिक्षित ढंग से

कभी ना हो पाए !

शिक्षण संस्थानों

की हालत को

अब तक हम ना

कुछ कर पाए !!

हिन्दू -मुस्लिम

असहिष्णुता का

जम कर दुसप्रचार

होता है !

निरीह लोगों का 

संरक्षण नहीं

अत्याचार सदा

ही होता है !!

इसतरह हम

एक कदम बढ़ते हैं

तो दो कदम

पीछे चले जाएंगे !

स्वास्थ ,शिक्षा

और सहिष्णुता पर

विजय पाकर ही

सही स्वतंत्रता मनाएंगे !!



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