सुहाना सफर
सुहाना सफर
सफर जिंदगी का अनोखा बड़ा है
कभी मोहता है कभी तोड़ता है
कई लोग मिलते हैं मिलते हे बिछड़ते हैं
कभी जख्म मिलते हैं कभी रंग खिलते हैं
सुनहरा हर एक पल हो मुमकिन कहां हैं
यादो के मोती मे चुगना जहां है
कभी रंग आयेगे कभी गम भी छायेगे
जीवन की इस बगिया मे फुल जगमगायेगे
फूलो की रौनक मे मद मे ना खोना
धूप मे जलते थीरज को बोना
आँखो की डिबिया मे आँसू भी छलकेंगे
धीरज मत खोना रंग फिर खिलेगे
हर क्षण जियो, समय भी अड़ा है
पर सफर जिंदगी का सुहाना बड़ा है।।
