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V. Aaradhyaa

Abstract

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V. Aaradhyaa

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सर्वोपरि

सर्वोपरि

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तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो !

भाई-भतिजा इन्हें ʼसर्वोपरि हो !!


साधें हित ले जिनका सहारा !

उन्हीं को करते येऽ बेसहारा !!

रखें , बगलेऽ में छूरी , मुख में राम ~

करें देश की खुशियों को ये निलाम ~

गद्दारी जिनके , मन में भरी हो ! ॥१॥

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो !!

भाई-भतिजा इन्हें ʼसर्वोपरि हो..........


करते सदा उनका अभिनन्दन !

जोभी ʼबरपाया रूदन~क्रंदन !!

ऐशकरें येऽ बनके ʼसंपोला !  ॥२॥

बरगलाएं बन के बड़बोला !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


दुष्ट प्रवृत्ति , तमस~आसुरी हो !

अंतर मनमें ʼसडांध ~ भरी हो !!

ऐसे~जनोंसे बचकर रहना !  ॥३॥

अत्याचार ,कतई ना सहना !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


आस्तीन के सांपों को ,

करना है अब पहचान !

जहाँ कहीं जिस क्षेत्र में हों , ॥४॥

इन सबका करें निदान !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


जिस थाली में खाते हैं ~

येऽ , करेंऽ उसी में छेद !  ॥५॥

कैसी है येऽ विडम्बना ?

इन्हें तनिक नहीं है खेद !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


मार-धाड औ खून-खराबा, 

करते अवरूद्ध ʼविकास !

थोड़ी भी शर्म इन्हें ना आये,॥६॥

करते ~ वक्त ~ विनाश !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


आजादी के वक्त से लेकर, 

येऽ ~ षडयंत्र ~ रचाएं !

करके बंटवारा देश का येऽ, ॥७॥

कलुसित उत्पात मचाएं !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


पैंसठ वर्षों तक इन नें कुछ, 

ऐसे देश को चूसा !    ॥८॥

कुछ खास वोटरों के दिमाग में, 

भरते रहे ये भूसा !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


लुट-पाट कर देश को येऽ,

सब,अपने भरे खजाना !  ॥९॥

अवैध रूप से रहने वालों का,

बना~बना के ठिकाना !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


इतनें दुकडाहे लोग हैं येऽ, 

अपमान करें सेना का !

शत्रु देशों से बात करें ,  ॥१०॥

क्याहै लेना, देना-क्या ?

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........


देश की निंदा करें येऽ जीभर, 

फैलाकर अफवाहेंऽ !   ॥११॥

फर्जी किसान को कहते रहें येऽ, 

चरवाहे ~ हरवाहेऽ !!

तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........



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