सर्वोपरि
सर्वोपरि
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो !
भाई-भतिजा इन्हें ʼसर्वोपरि हो !!
साधें हित ले जिनका सहारा !
उन्हीं को करते येऽ बेसहारा !!
रखें , बगलेऽ में छूरी , मुख में राम ~
करें देश की खुशियों को ये निलाम ~
गद्दारी जिनके , मन में भरी हो ! ॥१॥
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो !!
भाई-भतिजा इन्हें ʼसर्वोपरि हो..........
करते सदा उनका अभिनन्दन !
जोभी ʼबरपाया रूदन~क्रंदन !!
ऐशकरें येऽ बनके ʼसंपोला ! ॥२॥
बरगलाएं बन के बड़बोला !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
दुष्ट प्रवृत्ति , तमस~आसुरी हो !
अंतर मनमें ʼसडांध ~ भरी हो !!
ऐसे~जनोंसे बचकर रहना ! ॥३॥
अत्याचार ,कतई ना सहना !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
आस्तीन के सांपों को ,
करना है अब पहचान !
जहाँ कहीं जिस क्षेत्र में हों , ॥४॥
इन सबका करें निदान !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
जिस थाली में खाते हैं ~
येऽ , करेंऽ उसी में छेद ! ॥५॥
कैसी है येऽ विडम्बना ?
इन्हें तनिक नहीं है खेद !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
मार-धाड औ खून-खराबा,
करते अवरूद्ध ʼविकास !
थोड़ी भी शर्म इन्हें ना आये,॥६॥
करते ~ वक्त ~ विनाश !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
आजादी के वक्त से लेकर,
येऽ ~ षडयंत्र ~ रचाएं !
करके बंटवारा देश का येऽ, ॥७॥
कलुसित उत्पात मचाएं !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
पैंसठ वर्षों तक इन नें कुछ,
ऐसे देश को चूसा ! ॥८॥
कुछ खास वोटरों के दिमाग में,
भरते रहे ये भूसा !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
लुट-पाट कर देश को येऽ,
सब,अपने भरे खजाना ! ॥९॥
अवैध रूप से रहने वालों का,
बना~बना के ठिकाना !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
इतनें दुकडाहे लोग हैं येऽ,
अपमान करें सेना का !
शत्रु देशों से बात करें , ॥१०॥
क्याहै लेना, देना-क्या ?
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
देश की निंदा करें येऽ जीभर,
फैलाकर अफवाहेंऽ ! ॥११॥
फर्जी किसान को कहते रहें येऽ,
चरवाहे ~ हरवाहेऽ !!
तुष्टिकरण जब दिल में भरी हो..........
