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Jyoti Mishra

Abstract

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Jyoti Mishra

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सफर

सफर

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सफर पर चल रहे हैं सभी, 

न मंज़िलों का पता है  न रास्तों का !!

कुछ मंज़िलें पीछे छूट गयीं सफर पर चलते चलते !

और रास्ते भी रह गए ! 


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