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Jyoti Mishra

Abstract

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Jyoti Mishra

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मेघ

मेघ

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मेघ आए काले मेघा संग अपने लाए  हैं वो बूँदें, 

धरती की प्यास बुझाने को !!

मन मेरा भी होगा जाए इन मेघों  मेँ भीगने का और अपनी प्यास बुझाने का, 

फिर सोचूँ कि मैं उड़  जाऊं नील गगन मेँ कहीं उस पंछी कि तरह  

जो उड़ता फिरता  है इन मेघों मेँ कहीं !!


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