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Pooja Patel

Abstract Classics

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Pooja Patel

Abstract Classics

सफर

सफर

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खुलती हैं मिट्टी की बातें, हर कदम पर नयी कहानी,

साथी हैं रास्ते, जैसे संगीत की मिठास रागनी।


पुरानी दीवारों से, सुनो वो किस्से पुराने,

चलो साथ सफर पर, हो ये लम्हों का आसमान।


दरिया की लहरों में, छुपा है सपनों का सागर,

यात्रा का हर पल है, एक नया सफर।


आसमान में छाईं बादल, छुपा है सितारों का जहां,

चलो साथ सफर पर, हो ये मोड़ों का दीदार।


सफ़र का हर कदम, लाए नया सवेरा,

इस सफर में ही छुपी, है जिंदगी की सच्चाई।


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