STORYMIRROR

Rushikesh Nere

Romance

2  

Rushikesh Nere

Romance

सफर शायर तक...

सफर शायर तक...

1 min
161

आपकी नज़ाकत को हमने जो कागज़ पे उतारा,

लोगों ने हमें बदनाम कर डाला,

गुनाह कर बैठे थे उनकी नजरों में हम,

और आपकी नजरों ने सलाम कर डाला,

यूँ तो हम पहले बड़े आम हुआ करते थे

आपने बस 'माशा अल्लाह' किया;

तो हम ने 'शायर' खुद का नाम कर डाला।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance