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Jyoti Deshmukh

Inspirational

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Jyoti Deshmukh

Inspirational

सफ़लता का रहस्य

सफ़लता का रहस्य

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हार में निराश न हो जीवन में उल्लास न हो 

छाता वहीं नभ मंडल में जिसके हताशा पास न हो 


बार- बार गिरकर धरा पर चीटियां भी मंजिल पा जाती हो 

आज की तेरी पराजय कल की जीत की उम्मीद जगाती है 

तू बस सीखता चल कोई साथ न हो 

हार जाते वो जगत में जिसे खुद पर विश्वास न हो 


हर रात के बाद उजाला होता है 

डगमगाते उस पल में उम्मीद का दीपक जला जा तू 

धैर्य न खोकर संयम से जो काम लेता है 

खुद पर विश्वास रख तू संघर्ष पथ पर चलता जा तू 

मत हो हताश तू रख विश्वास चाहे जीवन में अवरुद्ध मार्ग हो 

मझधार फंसी नाव को उम्मीद का किनारा जो पाना हो 

डोर हौसलों की थाम कर्त्तव्य पथ पर बढ़ा अपने कदम 

अंधेरों में उजाले तलाश लेगे हम 


तू कर प्रयास न उदास हो राह अपनी जो बनाता हो 

जीवन में जो पाना है उस मंजिल की आशा जगा ले तू 

निराशा के हर अँधेरे को आशा का सूरज दिखा जा तू 

मन पर पड़ी धूल हटा कर्म से अपनी तकदीर बना तू 


हार मिलती है तो मिलने दे एक बार फिर से लड़ जा तू 

तेरे अथक प्रयासों से ही अपने सपने सच कर जा तू 

कर्म से अपना भाग्य बदल तू 

मंज़िल पर पहुच कर ही दम ले तू 

खुद ही जीत की इबारत लिख ले तू 

अपने सपने सच कर अभिलाषा अपनी पूरी कर ले तू 

सफर ए जिंदगी का जारी रख तू कभी न हार मानना तू 

ठोकरें चलना सिखाती आदमी को नाकामयाबी फलसफा ए जिंदगी है 

सफर में थम के बैठ जाए कैसे जिंदगी में मुश्किलें आनी जानी है 

हर गलती, हर मुश्किल से जीवन में ले नए अनुभव तू 

कठिन परिश्रम और मेहनत से चढ़ कामयाबी की सीढिया तू 

नाकामयाबी से न घबरा संघर्ष कर सिर उठा, तुम में वो ताकत है जो पत्थर को करतार कर दे तू 


हर दिन, हर पल जीवन में कुछ सीखता चल मुश्किलों का डट कर सामना कर तू हिम्मत से काम लेता चल तू 


निराशा के बादल हट जायेगे आकाश में तारे फिर टिमटिमाते 

जैसे प्रकृति चलती है निरन्तर 

सूरज, चांद निकलते समय पर 

एसे अपने निरंतर प्रयासों से अपने सपने साकार कर तू 

सफ़लता का यही है रहस्य बस इतनी सी बात जान ले तू। 



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