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MAHENDRA SONEWANE

Inspirational

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MAHENDRA SONEWANE

Inspirational

समय के साथ

समय के साथ

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खुश रहो आप अपने ही घर में है

पूछो हाल जो बाहर परदेश में है

पिता की शक्ल नहीं देखी किसी ने

बेटा अस्पताल में तो बाप श्मशान में है।।


कोई तुम्हें खुश करे या ना करे

कहीं किसी से कोई शिकवा नहीं है

किसी ने राशन संभाला साल भर का  

तो किसे दो वक्त की रोटी की फ़िक्र है।।


तुम्हें क्या जल्दी है गाड़ी में घूमने की

अभी सारी कायनात ही इंतजार में है

जब तक चलेगी जिंदगी की साँसे

तब तक कहीं प्यार तो कहीं टकराव है।।


कहीं बनेंगे संबंध अंतर्मन से तो

कहीं आत्मीयता का भाव नहीं है

अभी तुम किसी भ्रम में ना रहना

कुदरत भी अपने सुर में लगी है।।



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