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Namrata Pillai

Inspirational


4.6  

Namrata Pillai

Inspirational


समय का मान

समय का मान

1 min 116 1 min 116

समय ना धर्म का आदी हैं

ना कर्म की कमायी हैं।


जिस ने बलवान रावण को भी झुका डाला

वो समय की हे एक अद्भुत दास्तान थी।


जो चाहते हो तुम पाना राजा राम का धाम

तो समझ लो नीति, नियम और परिश्रम के नाम। 


वो तो सीता थी जो चल पदी कभी

वनवास तो कभी कूद पड़ी अग्नि में।


जो समय का मान ना रकते भगवान तो

कभी ना होता रामायण का नाम।


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