Gaurav Chhabra
Inspirational
नज़रों का फेर हो सकता है, जो बदला सा लगता है..
प्रकृति का खेल हो सकता है, जो कमाल सा लगता है..
कोई थोड़ा परेशान, थोड़ा बेचैन, थोड़ा घायल हो सकता है..
पर वो जो बेखौफ उड़ता है, आज़ाद परिन्दा ही हो सकता है..
हे नारी तुम्ह...
तुम मैं और तु...
बहुत उदास है ...
भाई तू शायद भ...
जब... (होता ह...
क्या और कौन र...
मास्क और प्या...
मैं एक चॉकलेट...
तू चला गया क्...
शब्द अनजान है...
लाल ध्वजा हो लाल ध्वजा शिवमठ पर फहरे लाल ध्वजा। लाल ध्वजा हो लाल ध्वजा शिवमठ पर फहरे लाल ध्वजा।
तमाम अव्यवस्थाओं के बावजूद, उसने अपने प्रकाश की खोज की। तमाम अव्यवस्थाओं के बावजूद, उसने अपने प्रकाश की खोज की।
शिक्षा से हमारी है पहचान शिक्षक दे उत्तम सदैव ज्ञान। शिक्षा से हमारी है पहचान शिक्षक दे उत्तम सदैव ज्ञान।
हम सबके जीवन में फैलता ज्ञान का प्रकाश माँ,बाप से,परिवार से। हम सबके जीवन में फैलता ज्ञान का प्रकाश माँ,बाप से,परिवार से।
साफ राह तुझे दिख जाएगी, अपनी मंजिल पाही ले।। साफ राह तुझे दिख जाएगी, अपनी मंजिल पाही ले।।
प्रेम- मैत्री से रहे जहाँ पर हम खुशी के गीत गाएंगे ।। प्रेम- मैत्री से रहे जहाँ पर हम खुशी के गीत गाएंगे ।।
बिन पंख के उड़ जाऊँ नभ में मेरी ये अभिलाषा है । बिन पंख के उड़ जाऊँ नभ में मेरी ये अभिलाषा है ।
पल पल अच्छा सोचकर, कुछ तो अच्छा कर ही डालें पल पल अच्छा सोचकर, कुछ तो अच्छा कर ही डालें
उन आँखों में स्नेह दिखता होंठों पे डांट का पिटारा। उन आँखों में स्नेह दिखता होंठों पे डांट का पिटारा।
पापा की जेब से, मां की साड़ियों के पल्लू में बंधे, सिक्के चुराने।। पापा की जेब से, मां की साड़ियों के पल्लू में बंधे, सिक्के चुराने।।
जहाँ नदियों को भी माता का दर्जा मिलता है, बाल सब गोपाल यहां, बाला भी रूकमण राधा है। जहाँ नदियों को भी माता का दर्जा मिलता है, बाल सब गोपाल यहां, बाला भी रूकमण रा...
आज देखा मैने एक सवाल देखते क्यों है गांव और शहर में इतना फर्क। आज देखा मैने एक सवाल देखते क्यों है गांव और शहर में इतना फर्क।
तो फिर एक खुद की सुन एक खुदा की । तो फिर एक खुद की सुन एक खुदा की ।
शिक्षक धरा से अम्बर को जोड़ सकता है शिक्षक की महिमा महान होती है शिक्षक धरा से अम्बर को जोड़ सकता है शिक्षक की महिमा महान होती है
देश की खातिर दी कुर्बानी, बड़ा जुनूनी जज़्बा था अंग्रेजों को ललकारा जिसने, वह खून हिन्दुस्तानी था... देश की खातिर दी कुर्बानी, बड़ा जुनूनी जज़्बा था अंग्रेजों को ललकारा जिसने, वह...
न हौसले बड़े थे पर हर कदम पर साथ तुम खड़े थे मेरे कन्हैया। न हौसले बड़े थे पर हर कदम पर साथ तुम खड़े थे मेरे कन्हैया।
नया जहान गढ़, ऊंची उड़ान भर तू कर्मवीर है, अथक संघर्ष कर. नया जहान गढ़, ऊंची उड़ान भर तू कर्मवीर है, अथक संघर्ष कर.
दूर गाँव में वैठे हर बच्चे का उद्धार किया।। दूर गाँव में वैठे हर बच्चे का उद्धार किया।।
सोच समझ के चाल चलो तुम, नहीं भारी पछताव सोच समझ के चाल चलो तुम, नहीं भारी पछताव
निगाहों को रौशनी से भर जाते हैं। निगाहों को रौशनी से भर जाते हैं।