Gaurav Chhabra
Inspirational
नज़रों का फेर हो सकता है, जो बदला सा लगता है..
प्रकृति का खेल हो सकता है, जो कमाल सा लगता है..
कोई थोड़ा परेशान, थोड़ा बेचैन, थोड़ा घायल हो सकता है..
पर वो जो बेखौफ उड़ता है, आज़ाद परिन्दा ही हो सकता है..
मिले थे कदम त...
हे नारी तुम्ह...
तुम मैं और तु...
बहुत उदास है ...
भाई तू शायद भ...
जब... (होता ह...
क्या और कौन र...
मास्क और प्या...
मैं एक चॉकलेट...
तू चला गया क्...
हिमानी बर्फ का अब मोड़ना होगा। बिना सोचे अभी ही छोड़ना होगा।। हिमानी बर्फ का अब मोड़ना होगा। बिना सोचे अभी ही छोड़ना होगा।।
पछतावा अतीत नहीं बदल सकता और चिंता भविष्य नहीं संवार सकतीं। पछतावा अतीत नहीं बदल सकता और चिंता भविष्य नहीं संवार सकतीं।
मैं खूबसूरत हूँ, सिर्फ इसलिए क्योंकि; मैं खुद को खूबसूरत मानती हूँ। मैं खूबसूरत हूँ, सिर्फ इसलिए क्योंकि; मैं खुद को खूबसूरत मानती हूँ।
माँ, एक युग यूँ ही बीत गया। लंबा सफर तय किया तुमने! माँ, एक युग यूँ ही बीत गया। लंबा सफर तय किया तुमने!
पिता सर्दियों की गुनगुनी धूप हैं, पिता खुशियों का उपहार हैं, पिता सर्दियों की गुनगुनी धूप हैं, पिता खुशियों का उपहार हैं,
प्यार से मिलो सबके साथ हर पल "मेहमान" है ज़िन्दगी! प्यार से मिलो सबके साथ हर पल "मेहमान" है ज़िन्दगी!
खुद को बोर्ड समझकर, कवयित्री के सर्टिफिकेट तक की चर्चा कर जाते है, खुद को बोर्ड समझकर, कवयित्री के सर्टिफिकेट तक की चर्चा कर जाते है,
कर्म ही तीरथ धाम रे , सकारात्मक सोच लिए कर्म ही तीरथ धाम रे , सकारात्मक सोच लिए
कभी कभी शब्द मौन हो जाते हैं कभी ख़ामोशी सब कह जाती है । कभी कभी शब्द मौन हो जाते हैं कभी ख़ामोशी सब कह जाती है ।
संसारी चकाचौंध में ऐसा खोया, पाने की सिर्फ लालसा लिए।। संसारी चकाचौंध में ऐसा खोया, पाने की सिर्फ लालसा लिए।।
रग रग में बसी है कविता कहानी, उसको उतारने के लिए यह मंच है सुहानी। रग रग में बसी है कविता कहानी, उसको उतारने के लिए यह मंच है सुहानी।
सौगातों की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है, आकार में विशाल है, हर सवाल का जवाब है, सौगातों की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है, आकार में विशाल है, हर सवाल का जवा...
अंग्रेजी के पेपर में होती है कक्षा पास पर मातृ भाषा के पेपर में बच्चे होते हैं फेल अंग्रेजी के पेपर में होती है कक्षा पास पर मातृ भाषा के पेपर में बच्चे ह...
महकाऊँ सृष्टि की बगिया सदा सौंदर्य में भरकर, महकाऊँ सृष्टि की बगिया सदा सौंदर्य में भरकर,
अहसासों का बहुत ही मोल है जीवन में। अहसासों का बहुत ही मोल है जीवन में।
ना लौट सका अगर तेरे पास तो मेरी यादों को अपने आंचल में समेटकर रख देना! ना लौट सका अगर तेरे पास तो मेरी यादों को अपने आंचल में समेटकर रख देना!
देश की खातिर सैनिक बनकर बम बारूद से खेलूंगा प्रभात फेरी में जाऊंगा देश की खातिर सैनिक बनकर बम बारूद से खेलूंगा प्रभात फेरी में जाऊंगा
वह बताते हैं की जीतना ही जीवन में सब कुछ नहीं है वह बताते हैं की जीतना ही जीवन में सब कुछ नहीं है
जातियों पर नीतियां नहीं जनमन को, देश को प्रतिबाधक प्रतिभात चाहिये। जातियों पर नीतियां नहीं जनमन को, देश को प्रतिबाधक प्रतिभात चाहिये।
जैसे चूड़ी तुम्हारी हर पल खनक जाती साँस है मेरी वैसे आती - जाती जैसे चूड़ी तुम्हारी हर पल खनक जाती साँस है मेरी वैसे आती - जाती