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Gaurav Chhabra

Inspirational

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Gaurav Chhabra

Inspirational

समझ

समझ

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नज़रों का फेर हो सकता है, जो बदला सा लगता है..

प्रकृति का खेल हो सकता है, जो कमाल सा लगता है..

कोई थोड़ा परेशान, थोड़ा बेचैन, थोड़ा घायल हो सकता है..

पर वो जो बेखौफ उड़ता है, आज़ाद परिन्दा ही हो सकता है..


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