STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Inspirational

4  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Inspirational

प्रेम और बेवफाइयां

प्रेम और बेवफाइयां

1 min
11

प्रेम

के

भीतर

सिर्फ

समर्पण

हीं

नहीं

होता

है

कुछ

धोखा

जैसी

बेवफाइयां 

कुछ

लापरवाहियां

कुछ

अल्हड़पन

कुछ

बईमानियां

भी

होती

है

समर्पण

और

धोखा

दोनों

एक

दुसरे 

के

भले

हीं

विपरीत

हो

लेकिन

प्रेम

अपने

में

दोनों

को

समावेश

रखता

है

प्रेम

और 

धोखा

एक

दूसरे

के

उलट

है

लेकिन

प्रेम

के

मामले

में

यह

पूरक

भी

है

प्रेम

के

भीतर

दोनों

का

अंश 

होता

है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational